कोटद्वार। नैनीताल जिले में भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर सोमवार को हादसे का शिकार हुई पांच महिला श्रद्धालुओं के शव पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को नैनीताल पुलिस ने कोटद्वार के पदमपुर सुखरौ गांव में परिजनों के सुपुर्द कर दिए। पांच में से चार महिलाओं के शवों का परिजनों ने यहां मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार कर दिया। एक महिला के बीएसएफ में तैनात पति के पहुंचने का परिजन इंतजार कर रहे हैं। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा। मंगलवार सुबह जैसे ही महिलाओं के शव गांव में पहुंचे, हर कोई रो पड़ा। परिजन तो बिलख-बिलखकर रोने लगे।
पदमपुर सुखरौ गांव से कीर्तन मंडली से जुड़ी 25 श्रद्धालुओं का जत्था जीएमओयू की बस से गत 20 मई की शाम को कोटद्वार से नैनीताल के लिए रवाना हुआ था। वे रविवार की सुबह नैनीताल पहुंचे। यहां नैना देवी मंदिर के दर्शन के बाद उन्होंने कुमाऊं के कई धार्मिक स्थलों की यात्रा की। सोमवार तड़के जागेश्वर धाम के दर्शन करने के बाद उनकी बस भवाली-हल्द्वानी हाईवे पर कोटद्वार आ रही थी, तभी खैरना के पास पहाड़ी से भारी भरकम बोल्डर की चपेट में बस का पिछला हिस्सा आ गया है। इस हादसे ने एक ही गांव की पांच महिलाओं रुकमा देवी पत्नी इंद्र सिंह, रानी नेगी पत्नी सुधवीर सिंह, गोदांबरी भंडारी पत्नी रणवीर सिंह, जयेश्वरी तड़ियाल पत्नी दिनेश तड़ियाल और सुमित्रा देवी पत्नी हुकुम सिंह की मौत हो गई।
मंगलवार को कोटद्वार के मुक्तिधाम में सुमित्रा देवी, जयेश्वरी देवी, रुकमा देवी और रानी देवी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पदमपुर सुखरौ के ग्राम प्रधान चंद्रप्रकाश नैथानी ने बताया कि गोदांबरी भंडारी के पति बीएसएफ में सेवारत हैं और इन दिनों राजस्थान में तैनात हैं। उनके पहुंचने के बाद बुधवार सुबह उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत, पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत ने मुक्तिधाम पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। इस मौके पर बड़ी संख्या में सभी राजनीतिक दलों के पदाधिकारी मौजूद थे।