पौड़ी। पौड़ी की ऐतिहासिक रामलीला में चौथी संध्या का शानदार मंचन हुआ। मंचन में राजा दशरथ ने श्रीराम के राज्याभिषेक की घोषणा की। जिसके बाद दासी मंथरा के उकसाने के बाद रानी कैकेयी कोपभवन में चली गई। इस दौरान कैकेयी की पात्र सुहानी नौटियाल के जीवंत अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा।
रामलीला मैदान में रामलीला मंचन की चौथी संध्या भगवान श्रीराम की आरती श्री रामचंद्र कृपालु भजमन से शुरू हुई। भाव नृत्य में पावनी बहुगुणा के नृत्य की दर्शकों ने सराहना की। मंचन का उद्घाटन मुख्य अतिथि बीआर मॉडर्न स्कूल के प्रधानाचार्य दामोदर प्रसाद ममगाईं ने किया। उन्होंने कहा कि पौड़ी की रामलीला ने पूरे उत्तराखंड में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। कहा कि धीरे-धीरे रामलीला के मंचन में अब काफी निखार आ गया है।
मंचन में अयोध्या के राजा दशरथ ने सबसे पहले श्रीराम के राज्याभिषेक की घोषणा की। इस घोषणा से पूरी अयोध्या नगरी में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। इसके बाद दशरथ सुमंत संवाद, सुमंत मंथरा संवाद, मंथरा कैकेयी संवाद, कैकेयी सुमंत संवाद, राम कैकेयी संवाद, राम कौशल्या संवाद का मंचन हुआ। इस दौरान सुमंत का पात्र गोपाल नेगी, दशरथ के पात्र डा. मदन मोहन नौडियाल ने अभिनय से अपनी एक अलग छाप छोड़ी। मंथरा की भूमिका में कशिश, कौशल्या आरती बहुगुणा का अभिनय दर्शकों को यादगार बना गया। इस अवसर पर कांग्रेस नगर अध्यक्ष भरत सिंह रावत, जसपाल सिंह रावत, विमल बहुगुणा, देवेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।