जल विद्युत परियोजना को लेकर पिछले 8 दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे चौरास क्षेत्र के लोगों से मिलने डीएम पहुंचे। इस दौरान टिहरी जिलाधिकारी इंदूधर बौड़ाई नेे कंपनी को किलकिलेश्वर मंदिर में पानी पहुंचाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। वहीं क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू किए जाने को भी कहा है। स्थानीय निवासियों ने शुक्रवार से क्रमिक अनशन की चेतावनी दी है।
बृहस्पतिवार को टिहरी जिलाधिकारी इंदूधर बौड़ाई धरना स्थल पर पहुंचे। यहां ग्रामीणों से बातचीत के बाद डीएम ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण भी किया। चौरास युवा संघर्ष समिति के संयोजक आयुष मिंया ने कहा कि डीएम ने उनकी समस्याएं तो सुनी, लेकिन कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं दिया। जिस पर ग्रामीणों ने डीएम के समक्ष आक्रोश भी जताया।
डीएम इंदूधर बौड़ाई ने कहा कि क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद विकासखंड मुख्यालय कीर्तिनगर में कंपनी प्रशासन के साथ बैठक की गई है। कंपनी प्रशासन को पीडब्ल्यूडी के साथ क्षेत्र का संयुक्त सर्वेक्षण कर जल्द सड़कों का मरम्मतीकरण कार्य शुरू किए जाने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने बताया कि कंपनी प्रशासन को किलकिलेश्वर मंदिर में पानी पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
खनन पट्टे की जांच के दिए निर्देश
डीएम इंदूधर बौड़ाई नैथाणा में स्वीकृत खनन पट्टे की जांच के निर्देश जारी किए है। बौड़ाई ने बताया खनन पट्टे में अनियमितता बरते जाने की लंबे समय से शिकायतें मिल रही थी, जिस पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। मानकों में कमी पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मंगसू में भी ग्रामीण लंबे समय से परियोजना कंपनी के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीण राजेंद्र मुयाल ने कहा कि शुक्रवार को आंदोलित ग्रामीण डीएम का इंतजार करते रहे, लेकिन डीएम ग्रामीणों से वार्ता करने नहीं पहुंचे।