कालागढ़/कोटद्वार। भीतर राजकीय आवासों की जर्जर स्थिति और बाहर जंगली जानवरों के खतरा। सिंचाई विभाग के कर्मचारी और उनके परिवार कुछ ऐसे ही हालात में जीवन-यापन के लिए मजबूर हैं। वन विभाग ने नवनिर्माण पर रोक लगा रखी है। सिंचाई विभाग पुराने भवनों की मरम्मत नहीं करा पा रहा है।
कालागढ़ क्षेत्र में करीब 60 से 65 वर्ष पूर्व राजकीय आवास बनाए थे। इन आवासों में रामगंगा बांध परियोजना में लगे सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के करीब 700 परिवार निवास करते हैं। रोक लगने के कारण कर्मचारी आवासों की अस्थायी मरम्मत भी नहीं हो रही है। नई कॉलोनी निवासी कर्मचारी ललित कुमार, राजीव कुमार का कहना है कि बारिश में छतों से पानी रिसने की वजह से लोग रात को सो नहीं पा रहे हैं। शौचालयों की हालत ज्यादा खराब होने से संक्रमण फैलने का भी डर है।
कर्मचारियों का कहना है कि छत अथवा दीवार ढहने से जान-माल के नुकसान की आशंका से दहशत बनी है। वहीं, ऐसे हालात में अगर कर्मचारी और उनके परिजन घर से बाहर निकलकर जान बचाना चाहे तो घरों के बाहर जंगली जानवरों का डर बना है।
जर्जर आवासों की मरम्मत की बात वन विभाग व पौड़ी के जिला प्रशासन के सामने रख चुके हैं। वन विभाग मरम्मत पर रोक लगाए है। प्रशासन भी अनुमति नहीं दे रहा है। - बृजेश कुमार, ईई शिविर प्रबंध खंड, कालागढ़
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वन विभाग ने केवल नवीन निर्माण पर ही रोक लगाई है। जिन आवासों में कर्मचारी निवास कर रहे हैं उनका रखरखाव सिंचाई विभाग के हाथ में है। -बिंदरपाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी, कालागढ़।