जयहरीखाल ब्लाक की ग्राम पंचायत बाडियूं के ग्रामीणों ने वन विभाग से जयहरीखाल से डेरियाखाल तक पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए वनभूमि के उपयोग के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मांगी है।
ग्राम प्रधान रचना रावत की ओर से प्रभागीय वनाधिकारी लैंसडौन वन प्रभाग को भेजे पत्र में कहा गया है कि लैंसडौन से सबसे नजदीक की ग्राम पंचायत बाडियूं को पेयजल सुलभ कराने के लिए शासन ने भैरवगढ़ी पंपिंग योजना से पानी लाइन बिछाने की स्वीकृति दी है। जयहरीखाल से डेरियाखाल तक पानी लाइन बिछाने के लिए बीच में वन भूमि पड़ रही है। ग्राम प्रधान ने कहा कि कई वर्षों से डेरियाखाल की जनता पानी की समस्या से जूझ रही है। डेरियाखाल में पानी की किल्लत को देखते हुए शासन द्वारा डेरियाखाल को भैरवगढ़ी पेयजल योजना से लाभान्वित करने के लिए जयहरीखाल से डेरियाखाल तक पानी की लाइन को मंजूरी प्रदान की गई है। लता खंडेलवाल, बीडीसी सदस्य सरोजनी देवी ने जनहित में वन भूमि में पाइप लाइन बिछाने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने का अनुरोध किया है।