तहसील क्षेत्रांतर्गत ग्राम भल्ली के ग्रामीण भल्लीसैंण में पट्टे की आड़ में अवैध खनन का आरोप लगाते हुए भड़क उठे हैं। यहां तहसील दिवस में एसडीएम के सम्मुख ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने मामले की जांच की मांग के साथ ही पट्टाधारक को स्वीकृत खनन क्षेत्र का स्पष्ट सीमाकंन करने की मांग की।
ग्रामीणों ने शिकायत की कि पट्टाधारक को खेत संख्या 157 की सरकारी भूमि पर चुगान का पट्टा स्वीकृत हुआ है, लेकिन वह खेत संख्या 137 एवं 158 जो कि ग्राम भल्ली के चारागाह हैं पर भी जमकर खनन किया जा रहा है। मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए एसडीएम सतपुली सोहन सिंह सैनी ने अधीनस्थ कर्मियों को मौका मुआयना कर पट्टाधारक एवं गांव की जमीन का सीमांकन एवं पिल्लरबंदी करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल में पूरणचंद डोबरियाल, चक्रधर प्रसाद, मंदीप, आशीष, आशा देवी, विमला देवी आदि शामिल थे।
बड़े पैमाने पर हो रहा अवैध खनन
नयारघाटी में बड़े पैमाने पर अवैध खनन का कारोबार फल फूल रहा है। कई सफेदपोश माफियाओं और तथाकथित समाजसेवियों के संरक्षण एवं प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे अवैध खनन के इस खेल में प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक की भूमिका में है। तहसील परिसर के निकट नौगांवसैंण, औडलसैंण, बडख़ोलू, दैसण, बिलखेत, खैरासैंण, हंडुलसैंण समेत दर्जनभर से अधिक स्थानों पर बड़ी मात्रा में अवैध खनन किया जा रहा है। रात को अंधेरे का फायदा उठाकर जेसीबी और अन्य मशीनों से नयार नदी का सीना छलनी किया जा रहा है।