कण्वघाटी/कोटद्वार। चिलरखाल-नींबूचौड़ मार्ग पर लोनिवि व जल संस्थान की अनदेखी क्षेत्रवासियों पर भारी पड़ रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़कों पर पेयजल लाइनों की लीकेज के कारण जहां सड़क गड्डों में तब्दील हो गई है, वहीं हाल ही में अन्य स्थानों पर हुआ डामरीकरण भी बेकार हो जाएगा। लोगों ने सड़क के दोनों किनारों पर समुचित निकासी नालियों का निर्माण व पेयजल लाइनों की लीकेज ठीक करने की मांग संबंधित विभागीय अधिकारियों और विधानसभा अध्यक्ष से की है। कहा कि पेयजल लाइनें इसी तरह लीकेज होती रहींं तो 18 करोड़ की लागत से बन रही सड़क बदहाल हो जाएगी।
वर्ष 2023-24 में क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने राज्य योजना के तहत चिलरखाल से नींबूचौड़ तक 12 किमी सड़क के विस्तारीकरण व डामरीकरण के लिए 18 करोड़ स्वीकृत कराए। वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पूर्व सड़क का शिलान्यास होने के बाद चिलरखाल से सड़क निर्माण शुरू किया गया। बीते वर्ष नवंबर व दिसंबर माह में करीब पांच किमी सड़क का चौड़ीकरण किया गया।
इस बीच किशनपुर से हल्दूखाता तक करीब दो किमी सड़क निर्माण अधूरा छोड़कर विभाग ने मोटाढाक से नींबूचौड़ के बीच डामरीकरण शुरू कर दिया। मोटाढाक से नींबूचौड़ के बीच जलभराव का सबब बनी दो सिंचाई गूलों की मरम्मत के साथ ही लोनिवि का डामरीकरण का काम अंतिम चरण में है। इसके बाद लोनिवि की कार्यदायी एजेंसी हल्दूखाता से किशनपुर के बीच डामरीकरण कार्य शुरू कराने की बात कर रहा है। क्षेत्रीय पार्षद जगदीश बहुखंडी, विवेक शाह, सुखपाल शाह, सुनील थपलियाल, दीपक कुमार, आनंद प्रसाद, हरिसिंह राणा का कहना है कि हल्दूखाता और किशनपुर के बीच पेयजल लाइन की बडे़ पैमाने पर लीकेज चल रही है, जिससे सड़क बदहाल हो रही है। यदि लीकेज बंद नहीं की गई तो सड़क को फिर से बदहाल होते देर नहीं लगेगी।
नींबूचौड़-चिलरखाल सड़क निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। किशनपुर व हल्दूखाता के बीच जल संस्थान की पेयजल लाइन की लीकेज ठीक कराने के बाद ही डामरीकरण किया जाएगा।
-सत्यप्रकाश राठौर, सहायक अभियंता लोनिवि दुगड्डा।