न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोटद्वार की अदालत ने दहेज उत्पीड़न और मारपीट के मामले में साक्ष्यों के अभाव में पति, देवर और सास को दोषमुक्त कर दिया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनूप खंतवाल ने बताया कि कोटद्वार निवासी अनीता ने 11 जुलाई, 2017 को इस मामले में कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में पीड़िता ने कहा था कि उसका विवाह वर्ष 2007 में कल्लूवाला थाना रेहड़ जिला बिजनौर (यूपी) निवासी दिनेश पुत्र शिवदत्त के साथ हुआ था। उसके तीन बच्चे हैं। 20 मई, 2017 को उसके पति ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। उसके ससुराल वाले उससे दहेज की मांग करते हैं और उसका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करते हैं। पुलिस ने पीड़िता के पति दिनेश, देवर मुकेश कुमार और सास उषा देवी के खिलाफ आईपीसी की धारा 498 क, 323, 504 के तहत आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अदालत ने पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्य और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया। अधिवक्ता अनूप खंतवाल ने बताया कि कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में तीनों को दोषमुक्त कर दिया। संवाद