मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के गृह क्षेत्र सतपुली के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सतपुली को शासन ने संयुक्त चिकित्सालय में उच्चीकृत तो कर दिया, लेकिन सुविधाएं जुटाना भूल गया। स्थिति यह है कि अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड तक की सुविधा नहीं है। सुविधाओं के अभाव में अस्पताल रेफर सेंटर बना है।
सतपुली अस्पताल जिले के जयहरीखाल, द्वारीखाल, पोखड़ा, कल्जीखाल और एकेश्वर ब्लॉकों की पचास हजार से अधिक की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराता है। अभी तक अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रुप में काम कर रहे इस अस्पताल को दो वर्ष पूर्व उच्चीकृत कर संयुक्त चिकित्सालय बनाने की घोषणा तो कर दी गई थी। लेकिन, यहां सुविधाएं जस की तस हैं। 30 बैड वाले इस संयुक्त चिकित्सालय में वर्तमान में सुविधाओं का अभाव मरीज और तीमारदारों के लिए परेशानी का सबब बना है। चिकित्सालय में पैथोलॉजी लैब और एक्सरे की सुविधा भी यहां उपलब्ध नहीं कराई गई है। जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए हंस अस्पताल और कोटद्वार के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
उधर, सीएमओ पौड़ी डॉ वीएस जंगपांगी ने बताया कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सतपुली को हाल में ही उच्चीकृत कर संयुक्त चिकित्सालय बनाया गया है। अस्पताल में सुविधाएं जुटाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति की प्रतीक्षा की जा रही है।