डा. जोध सिंह नेगी
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यहां एक पीजी कॉलेज में इकनॉमिक्स के एचओडी ने अपने आवास में सीढ़ियों की रैलिंग से झूलकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया गया कि वह काफी दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। उनका दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज भी चल रहा था।
जानकारी के अनुसार, डॉ. जोत सिंह (53) नेगी डॉ. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल हिमालयन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष थे। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात डॉ. नेगी ने पत्नी सुधा से मोबाइल पर बात की थी। शनिवार सुबह सिताबपुर स्थित आवास पर नेगी ने सीढ़ियों की रैलिंग से झूलकर खुदकुशी कर ली। पुलिस उपनिरीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि प्रोफेसर नेगी के खुदकुशी करने की सूचना मिलते ही वह मय पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचे। घर से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। उनकी पत्नी सुधा नेगी हाल में प्रवक्ता पद पर प्रोन्नत होकर नागनाथ पोखरी जिला चमोली स्थानांतरित हुई। तभी से वह घर पर अकेले रह रहे थे। उनके दो बेटे बाहर रहते हैं। पड़ोस में ही डॉ. नेगी का ससुराल है।
उनकी मौत की खबर सुनकर पीजी कॉलेज समेत शहर में शोक की लहर छा गई। पीजी कालेज में पूर्व निर्धारित सभी कार्यक्रम रद्द कर शोकसभा का आयोजन कर छुट्टी कर दी गई।
रुद्रप्रयाग के रहने वाले थे
मूल रुप से रुद्रप्रयाग जिले के बाड़व गांव निवासी डॉ. जोत सिंह नेगी ने राजकीय डिग्री कॉलेज अगस्त्यमुनि में पहली नियुक्ति पाई थी, जहां वह 1996 तक रहे। इसके बाद उन्हें नवसृजित राजकीय डिग्री कॉलेज जोशीमठ भेजा गया। जहां वह एक साल तक कार्यवाहक प्राचार्य के रुप में रहे। वर्ष 1997 में उनका स्थानांतरण कोटद्वार पीजी कॉलेज में हो गया था। तब से वह लगातार कोटद्वार में सेवारत रहे।