गढ़वाल वन प्रभाग के थलीसैण रेंज में पणजीखाल के जंगल में शाकाहारी जंतुओं का प्रजनन केंद्र खुलेगा। वन विभाग ने इसके लिए जमीन चयनित कर सर्वे भी कर लिया है। केंद्र खोलने के लिए औपचारिक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में गुलदार और मानव के बीच संघर्ष साल दर साल बढ़ता जा रहा है। पौड़ी जिले का गढ़वाल वन प्रभाग इसके लिए सबसे ज्यादा संवेदनशील बना हुआ है। जंगलों में गुलदार के भोजन के रूप में उपयोग होने वाले वन्य जीवों का कम होना इस संघर्ष का मुख्य कारण माना जा रहा है। इसको देखते हुए शासन ने प्रदेश में दो शाकाहारी वन्य जीव प्रजनन केंद्र खोलने का निर्णय लिया है।
गढ़वाल मंडल में यह प्रजनन केंद्र गढ़वाल वन प्रभाग के थलीसैण रेंज में पड़ने वाले पड़जीखाल में और कुमाऊं मंडल में यह केंद्र अल्मोड़ा वन प्रभाग के रानीखेत रेंज में पड़ने वाले दलमोटी में खोला जाना है। वन विभाग के अनुसार इन प्रजनन केंद्रों में काकड़, सांभर, घूरड़ आदि शाकाहारी जंतुओं को संरक्षित करके ब्रीडिंग से इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। बाद में इन्हें जंगलों में छोड़ दिया जाएगा, ताकि गुलदारों को जंगलों में ही आहार मिल सके।
डीएफओ रमेश चंद्र ने बताया कि शासन के निर्देश पर पणजीखाल में शाकाहारी जंतुओं का प्रजनन केंद्र खोलने के लिए करीब 60 हेक्टेयर जमीन चयनित कर ली गई है। प्रजनन केंद्र खोलने के लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। सहायक प्रभागीय वनाधिकारी श्याम गिरि गोस्वामी ने बताया कि मानव वन्य जीव संघर्ष कम करने में यह केंद्र अहम भूमिका निभाएगा।