अतिवृष्टि से मोड़ाखाल-कूरीखाल वन मोटर मार्ग करीब 40 मीटर हिस्सा पानी में बह गया। सड़क कटने से गहरी खाई बन गई है। कई जगहों से मार्ग मलबा और कीचड़ से सना हुआ है। मार्ग बंद होने के कारण दैनिक आवाजाही करने वाले ग्रामीण और स्कूली बच्चे शुक्रवार सुबह दुगड्डा नहीं पहुंच पाए।
बृहस्पतिवार रात को क्षेत्र में भारी बारिश हुई। अतिवृष्टि से दुगड्डा ब्लॉक के सिमलचौड़ ग्रामसभा के अल्दावा, सिद्धपुर, कूरीखाल, झिंडीडांडा गांवों को जोड़ने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। तलगांव मंदिर के पास 30 मीटर और कैंची बैंड के पास 10 मीटर सड़क बह गई। अन्य जगहों पर भी पहाड़ी से मलबा आने के कारण इन गांवों का सड़क संपर्क कट गया है। बारिश की वजह से मार्ग पैदल आवाजाही के लायक भी नहीं रह गया।
ग्राम प्रधान माधुरी धूलिया ने शुक्रवार को ग्रामीणों के साथ आपदा प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की मदद से श्रमदान कर मार्ग को पैदल आवाजाही के लायक बनाया। ग्राम प्रधान की ओर से मार्ग के क्षतिग्रस्त होने की सूचना आपदा कंट्रोल रूम और राजस्व उपनिरीक्षक राजेश राणा को दी गई है। बारिश के कारण हल्द्वानी गदेरा के उफान पर रहने से दुगड्डा रेंज की रिंवाली कंपार्ट और झवाणा के बीच वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा है।
कलोड़ी गांव में पुश्ता ढहा, राजस्व उपनिरीक्षक ने किया दौरा
कोटद्वार। गांव कलोड़ी में बारिश के कारण आंगन का पुश्ता ढह गया। इससे आवासीय भवन को खतरा पैदा हो गया है। सूचना पर राजस्व उपनिरीक्षक राजेश राणा ने गांव पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया।
राजस्व उपनिरीक्षक ने बताया कि पुश्ता ढहने से घर का आंगन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। हालांकि अभी आवासीय भवन को कोई खतरा नहीं है। फिर भी प्रभावित परिवार को एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित परिवार को मुअवाजा प्रदान करने के लिए रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।