पुरोला। मोरी के सीमांत आराकोट-बंगाण क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली अब लोगों के लिए बेहद चिंता का विषय बन गई है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी से ग्रामीणों को इलाज के लिए देहरादून, रोहड़ू और अन्य दूरस्थ शहरों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर मनमोहन चौहान ने स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात कर क्षेत्र की समस्याओं का ज्ञापन सौंपा। प्रसव पीड़िताओं की मुश्किलों को देखते हुए महिला चिकित्सक की तैनाती को सबसे अहम मांगों में शामिल किया गया है। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आराकोट में स्थायी डॉक्टर, एएनएम और अन्य स्टाफ तथा राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय टिकोची में फार्मासिस्ट व आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की मांग रखी। संवाद