पुलिस अधीक्षक राजीव स्वरूप ने यहां मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस की शाम एसओजी प्रभारी विकास भारद्वाज को एक संदिग्ध कार के दुगड्डा की ओर से तेजी से कोटद्वार की ओर आने और उसमें संदिग्ध सामान और व्यक्तियों के सवार होने की सूचना मिली।
एसओजी प्रभारी ने दुगड्डा से कार का पीछा करते हुए इसकी सूचना कोतवाल जसवीर सिंह पुंडीर को दी। पुलिस टीमों ने दिल्ली नंबर की इस कार को सिद्धबली के पास लालपुल पर रोक लिया। पुलिस के रोकते ही कार में सवार तीन व्यक्ति जो अपने हाथों में प्लास्टिक और जूट के बोरे लिए थे, जंगल में भागने का प्रयास करने लगे। कुछ ही दूरी पर उन्हें दबोच लिया गया। एक व्यक्ति ड्राइविंग सीट पर बैठा था, उसकी सीट के नीचे से भी एक कट्टा बरामद किया गया। दबोचे गए तस्करों में तीन थलीसैण और एक कोटद्वार का है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे गुलदार की खाल और हड्डियों को बेचने के लिए कोटद्वार आ रहे थे। वहां उन्हें एक व्यक्ति से संपर्क करना था।
पुलिस ने चारों लोगों की पहचान मनोज धस्माना पुत्र आदित्यराज निवासी चौड़ीखाल पोस्ट कफल्ड थलीसैंण, पंकज रावत पुत्र तुलाराम निवासी त्रिपाली पोस्ट बहुली चाकीसैण, प्रेम सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी ग्राम कफल्ड थलीसैंण और अर्जुन सिंह पुत्र जयेंद्र सिंह निवासी ग्राम सिमलचौड़ कोटद्वार जिला पौड़ी गढ़वाल के रुप में की है। ब्यूरो