द्वारीखाल ब्लाक की बिचला ढांगू पट्टी के कांडी गांव में मंगलवार तड़के चार बजे गुलदार नेपाली श्रमिकों के टेंट में जा घुसा और सो रहे एक श्रमिक पर हमला कर उसे घायल कर दिया। अन्य साथी नेपाली श्रमिकों ने शोर मचाने के साथ ही लाठी-डंडों से वारकर गुलदार को भागाया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद 108 सेवा से पौड़ी अस्पताल रेफर किया गया। लैंसडौन वन प्रभाग का क्षेत्र होने के कारण लैंसडौन से वनकर्मियों को मौके पर भेजा गया है।
कांडी के ग्राम प्रधान प्रह्लाद सिंह नेगी ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत में भवन निर्माण में लगे नेपाली श्रमिक टेंट लगाकर रह रहे हैं। मंगलवार सुबह गुलदार उनके टेंट में जा घुसा और बीर बहादुर (32) पुत्र झग्गू बहादुर पर हमला कर दिया और उसे टेंट से बाहर खींच लिया। गुलदार के हमले से श्रमिकों में अफरातफरी मच गई। साथी श्रमिक कमल बहादुर ने बताया कि हो-हल्ला मचाने के साथ ही लाठी-डंडों से वार कर किसी तरह बीर बहादुर को गुलदार के पंजे से बचाया। सूचना पर ग्रामीण, पटवारी अमित कुमार, कानूनगो गोपीलाल और वनकर्मी मौके पर पहुंचे। घायल बीर बहादुर के सिर, चेहरे, नाक और कान में जख्म है।
घटना से आसपास के सभी गांवों में दहशत बनी हुई है। नौगांव की प्रधान अनीता देवी, कांडी के प्रधान प्रह्लाद सिंह नेगी, किनसुर के प्रधान दीपचंद शाह, जिला पंचायत सदस्य अमन बिष्ट, ब्लाक प्रमुख द्वारीखाल महेंद्र सिंह राणा और विधायक ऋतु खंडूड़ी ने लैंसडौन के डीएफओ दीपक सिंह से बात कर हमलावर गुलदार को पकड़ने या मारने की मांग की है। ब्लाक प्रमुख महेंद्र राणा ने बताया कि उनकी ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जिलाधिकारी गढ़वाल और डीएफओ को पत्र भेजकर गुलदार के आतंक से क्षेत्रवासियों को निजात दिलाने की मांग की गई है।