मुर्गों के शिकार का लालच एक गुलदार पर भारी पड़ गया। रविवार रात मुर्गियों के बाड़े में घुसते ही गुलदार उसमें कैद हो गया। खुद को कैद होता देख वह इतना ‘घबरा’ गया कि मुर्गों का शिकार करना ही भूल गया और चुपचाप एक कोने में जा बैठा। सोमवार सुबह वन विभाग ने गुलदार को पिंजड़े में कैद कर लिया।
वाकया श्रीनगर तहसील के अंतर्गत चमधार-देवलगढ़ मोटर मार्ग पर स्थित रामपुर गांव का है। रविवार रात लगभग ढाई बजे ग्रामीण अव्वल सिंह के मुर्गे के बाड़े की जाली उखाड़कर एक गुलदार अंदर घुस गया, लेकिन उसके अंदर घुसते ही जाली दोबारा से खांचों में फंस गई। इससे गुलदार अंदर ही फंस गया। गुलदार इतना ‘घबरा’ गया कि मुर्गों का शिकार करना ही भूल गया। बाड़े से मुर्गों के शोर को सुन स्वामी भी उठ गया। बाड़े के अंदर का नजारा देखकर वह भौंचक्क रह गया।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सोमवार सुबह रेंजर आशीष डिमरी पिंजड़े और टीम सहित गांव में पहुंच गए। लगभग साढ़े 10 बजे टीम ने गुलदार को ट्रेंक्यूलाइज कर पिंजड़े में कैद कर लिया। रेंजर डिमरी ने बताया कि गुलदार की उम्र करीब ढाई साल है और स्वस्थ है। उस पर कोई चोट भी नहीं है। पशु चिकित्सकों से परीक्षण करवा लिया गया है।