कोटद्वार/लैंसडौन। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर कोटद्वार और लैंसडौन में पूजा-अर्चना और जागरण के साथ ही नगर में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। सामाजिक संगठनों ने विभिन्न जगहों पर शोभायात्रा का स्वागत किया।
बृहस्पतिवार शाम आमपड़ाव में स्थित वाल्मीकि मंदिर से भव्य शोभायात्रा का उद्घाटन मुख्य अतिथि लैंसडौन विधायक महंत दिलीप रावत ने किया। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के उपदेशों और आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। आयोजन समिति के अध्यक्ष कमल कुमार, सचिव चंद्रपाल, संरक्षक विनोद उर्फ बिंटू ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। भगवान वाल्मीकि की जय-जयकार के बीच शोभायात्रा वाल्मीकि मंदिर से रवाना हुई। शोभायात्रा में सबसे आगे उस्ताद नरेश टांक के नेतृत्व में अखाड़ा शामिल था। जिसमें युवाओं ने शस्त्रों के जौहर दिखाए। बैंड पर भक्ति धुनों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
शोभायात्रा में अश्वमेघ यज्ञ का घोड़ा ले जाते लव-कुश, रामायण के साथ महर्षि वाल्मीकि और अशोक वाटिका में माता सीता के साथ हनुमान की झांकियां प्रदर्शित की गईं। आयोजन में महेंद्र, रोहिताश, आशाराम, प्रकाश ढींगिया, हरिचंद समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल रहे। गढ़ श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सुधीर काला, सिद्धबली मंदिर समिति के अध्यक्ष विवेक अग्रवाल, दिनेश जुयाल, ऋषभ भंडारी, विधानसभा अध्यक्ष के पीआरओ मणिराम शर्मा सहित समाज के अलग-अलग वर्ग के लोगों ने विभिन्न जगहों पर शोभायात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा झंडा चौक, लालबत्ती चौक, रेलवे स्टेशन, कोतवाली के सामने से होकर वापस मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। इससे पहले वाल्मीकि मंदिर पर विधिवत पूजा अर्चना एवं जागरण का आयोजन कर प्रसाद वितरित किया गया।
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लैंसडौन में ढोल नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ निकली शोभायात्रा
लैंसडौन। वाल्मीकि जयंती पर वाल्मीकि समाज की ओर से नगर में ढोल-नगाड़ों व आतिशबाजी के साथ शोभायात्रा निकाली गई। वाल्मीकि मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। शोभायात्रा में दो वाहनों में भगवान वाल्मीकि और राम परिवार की झांकियां शामिल रहीं। शोभायात्रा में शामिल अखाड़े में युवाओं ने हैरतंगेज करतब दिखाए। वाल्मीकि समाज के अरविंद, सुरेश, रंजीत, रणजीत आदि शामिल रहे। शोभायात्रा वापस वाल्मीकि मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। मंदिर में भजन कीर्तन का आयोजन कर श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ उठाया।