राष्ट्रीय प्रोद्यौगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड और स्पिक मैके की पहल पर एनआईटी प्रेक्षागृह में उड़ीसा राज्य की प्राचीनतम शैली पर आधारित नृत्य ‘गोटिपुआ’ का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में 10 साल से कम उम्र के बच्चों ने शानदार नृत्य किया।
भुवनेश्वर से आए कलाकारों ने गुरु विजय कुमार साहू के निर्देशन में पांच देव स्तुतियों से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसमें कलाकारों ने विभिन्न मुद्राओं से देवताओं की स्तुति और महिमा का बखान किया।
इसके बाद पल्लव, अभिनय और राग भैरवी पर आधारित बंधा नृत्य की प्रस्तुति की गई। उमेश, सव्यसांची, जगमोहन, कृणाल, दीपक, अनमता, पविन और अमन आदि कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुति दी।