लैंसडौन तहसील के जयहरीखाल ब्लॉक के बरस्वार गांव में मंगलवार सुबह बिजली गिरने से युवती की मौत हो गई। घटना के समय युवती अपनी गोशाला के पास पेड़ पर चढ़कर पशुुुओं के लिए चारापत्ती काट रही थी। ग्रामीणों की सूचना पर एसडीएम स्मृता परमार ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव पंचनामे के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए कोटद्वार भिजवा दिया है।
लैंसडौन से सटे डेरियाखाल के पास स्थित बरस्वार गांव में मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे बूंदाबांदी हो रही थी। इस बीच आसमान से बिजली भी कड़कती रही। इस दौरान ग्रामीण विनोद सिंह की 21 वर्षीय बेटी रितिका घर के पास गोशाला में काम से चली गई। चारापत्ती की कमी को देखते हुए वह पास के एक पेड़ पर चढ़ गई और पत्तियां तोड़ने लगी। एकाएक बिजली कड़की और वह उसकी चपेट में आ गई। ग्रामीणों ने बताया कि उसकी पीठ का पूरा हिस्सा झुलस गया। इससे मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचे उपप्रधान महेंद्र असवाल ने लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। एसडीएम स्मृता परमार मौके पर पहुंचीं और पंचनामे के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
ग्राम प्रधान विद्या देवी और उपप्रधान महेंद्र असवाल ने पीड़ित परिवार को दैवी आपदा मद से मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि युवती का परिवार गांव में खेती किसानी और दूध बेचकर आजीविका चलाता है। रितिका उनकी सबसे बड़ी बेटी थी। उसकी मौत से परिजन सदमे में हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दैवी आपदा से जुड़ी इस घटना की सूचना तत्काल राजस्व और पुलिस प्रशासन को दे दी गई थी, लेकिन अधिकारी और कर्मचारी करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे। एसडीएम स्मृता परमार का कहना है कि मामले की सूचना जिला प्रशासन को दे दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मुआवजा संबंधी कार्रवाई की जाएगी।