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Kotdwar News: जीजीआईसी दुगड्डा में कई वर्षों से नहीं है शिक्षक , कैसे पढ़ेंगी और आगे बढ़ेंगी बेटियां

Fri, 03 Apr 2026 07:07 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
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जीजीआईसी दुगड्डा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी (पड़ताल)
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दुगड्डा (कोटद्वार)। दुगड्डा नगर स्थित एकमात्र बालिका विद्यालय राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) दुगड्डा में शिक्षण सत्र शुरू होने के बावजूद भौतिक विज्ञान, गणित समेत छह महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के पद कई वर्षों से रिक्त हैं। साथ ही, विद्यालय में अप्रैल 2023 से प्रधानाचार्य का पद भी खाली चल रहा है। शिक्षकों की इस गंभीर कमी के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहे हैं और छात्राओं की संख्या घटकर मात्र 40 रह गई है।
ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण इस विद्यालय की स्थापना ब्रिटिश शासनकाल में बालिका जूनियर हाईस्कूल के रूप में दुगड्डा के धनीराम बाजार में किराये के भवन में हुई थी। स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1976-77 में इसे हाईस्कूल की मान्यता मिली। इसके बाद दुगड्डा नगर के निकट ग्राम पंचायत सिमलचौड़ के गोदी छोटी गांव में विद्यालय भवन निर्माण के लिए आर्य समाज ने 0.030 हेक्टेयर व ग्रामीण पार्वती देवी ने 29 नाली 7 मुट्ठी भूमि दान दी। वर्ष 1984 में नए भवन के निर्माण के बाद विद्यालय का संचालन शुरू हुआ और 1988-89 में इसे इंटरमीडिएट की मान्यता प्राप्त हुई। एक समय यह विद्यालय क्षेत्र का प्रमुख शिक्षण संस्थान था, जहां दुगड्डा नगर सहित सरुड़ा-सकाली, फतेहपुर, हनुमंती, उमरैला, बूंगधार, जुवा, सुनार गांव, मांडई, आमसौड़, झवांणा, जमरगड्डी, बांसी समेत करीब 42 गांवों की छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने आती थीं। वर्तमान में विद्यालय में अर्थशास्त्र के शिक्षक का पद पिछले 9 वर्षों से रिक्त है, जबकि अंग्रेजी का पद 5 वर्षों से खाली है। हिंदी और संस्कृत के पद 4 वर्षों से, गणित का पद 2 वर्षों से और भौतिक विज्ञान विषय की शिक्षिका का पद पिछले एक वर्ष से रिक्त चल रहा है। लगातार रिक्त पदों के चलते छात्राओं को अन्य विद्यालयों में प्रवेश लेना पड़ रहा है जिससे यहां नामांकन में हर वर्ष गिरावट दर्ज की जा रही है। अभिभावक लंबे समय से विद्यालय में शिक्षकों की तैनाती की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। शिक्षकों की कमी का सीधा असर पठन-पाठन पर पड़ रहा है, जिससे क्षेत्र में बालिका शिक्षा पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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विद्यालय में महत्वपूर्ण विषयों के रिक्त पदों की सूचना प्रतिवर्ष उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाती है। प्रवक्ताओं की तैनाती न होने से पठन-पाठन कार्य प्रभावित हो रहा है।
- जाहिदा असलम अंसारी, प्रभारी प्रधानाचार्य जीजीआईसी दुगड्डा।
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