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Iभाबर के डिग्री कॉलेज-मवाकोट मार्ग पर सुखरो पुल के निकट सत्तीचौड़ क्षेत्र से सटी वन भूमि में कूड़ा-कचरा फेंका जा रहा है। कचरे के ढेर से वन्य जीवों का आवागमन बढ़ गया है। जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कूड़ा-कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।I
Iसमाजसेवी इंदर सिंह रावत, प्रदीप कंडवाल, नवीन शर्मा, डॉ. कैलाश चंद्र, विजय नैथानी, मोहित थपलियाल और आकांक्षा रावत आदि का कहना है कि मवाकोट-डिग्री कॉलेज संपर्क मार्ग पर सुखरो पुल के पास सत्तीचौड़ से लगे वन्य क्षेत्र में कूड़ा-कचरा फेंका जा रहा है। इससे वहां निराश्रित मवेशियों के साथ ही वन्यजीव भी आने लगे हैं। मार्ग दुरुस्त होने से लोगों का आवागमन बढ़ा है। कूड़ा राहगीरों एवं क्षेत्रीय लोगों के लिए मुसीबत बना है। मार्ग पर महिलाएं और बुजुर्ग सुबह व शाम चहलकदमी करते हैं। कूड़े से उन्हें भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि 15 दिन पहले नगर निगम को सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने प्रशासन से कूड़ा फेंकने वाले लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई करने, वन्यजीवों को जंगल सीमा में रोकने, लोगों को दूषित वातावरण से निजात दिलाने की मांग की।I