नागरिक मंच की बैठक में सदस्यों ने शहर और समीपवर्ती ग्रामीण अंचल की समस्याओं का समाधान न होने पर रोष जताया। उनका कहना था कि कई बार संज्ञान में लाए जाने के बावजूद नगर पालिका नालों से बहकर काशीरामपुर क्षेत्र में बह रही गंदगी के प्रति गंभीर नहीं है। कई क्षेत्रों में बीमारी का खतरा बना हुआ है। बैठक में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों से भी बंगले खाली करवाने की मांग की गई।
मंगलवार को व्यापार मंडल सभागार में अध्यक्ष विनोद कुकरेती की अध्यक्षता में नागरिक मंच की बैठक में पिछली बैठक में उठी समस्याओं और उनके निराकरण के लिए किए गए प्रयासों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि नगर क्षेत्र की सफाई तो नगर पालिका करवा देती है, लेकिन जो गंदगी नालों से बहकर ग्रामीण क्षेत्रों में जमा हो रही है, उसकी ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है।
बरसात के समय नाले चोक होने से पानी सड़कों में जमा होकर घरों में घुस रहा है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सूचना के बावजूद नगर पालिका का कोई भी कर्मचारी या अधिकारी मौके पर झांकने तक नहीं पहुंचता है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
बैठक में कृषि विषय को पाठ्यक्रम में पुन: शामिल करने, घराट-मुंडला मार्ग के वन भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दिलवाने, कालाबड़ में क्षतिग्रस्त नाला और सड़क का निर्माण करवाने और पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित आवास खाली करवाए जाने की मांग के प्रस्ताव पारित किए गए।
बैठक में महामंत्री हरीश चंद्र भदूला, आरसी कोठारी, ओमप्रकाश बहुखंडी, आरसी कोठारी, लाजपत भाटिया, सत्यदेव कोटनाला, विपिन उनियाल, सुधा सती, सत्यनारायण नौटियाल, राजेंद्र सिंह नेगी, प्रेम सिंह रावत, पूर्व पालिकाध्यक्ष शशिधर भट्ट और पूरण सिंह रावत व शोभा बहुगुणा आदि मौजूद थे।