मौसम विभाग की ओर से पौड़ी जिले में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी करते हुए क्षेत्र में तेज बारिश से बाढ़ आने का खतरा बताया गया है, लेकिन इसके बाद भी पर्यटक खोह नदी के किनारे पिकनिक और नदी में मौज मस्ती कर रहे हैं। कभी भी नदी का तेज बहाव लोगों के मस्ती भरे माहौल को मातम में बदल सकता है। खतरे से अनजान इन पर्यटकों को नदी में जाने से रोकने वाला कोई नहीं है।
इन दिनों देहरादून और मसूरी में पर्यटकों की आवाजाही पर अंकुश लगने के कारण पर्यटक कोटद्वार और लैंसडौन की ओर आ रहे हैं। पर्यटक कोटद्वार मेें श्री सिद्धबली मंदिर, दुगड्डा में दुर्गादेवी के दर्शन करने के बाद खोह नदी में पिकनिक मना रहे हैं। इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक कोटद्वार सिद्धबली से दुर्गादेवी, दुगड्डा, फतेहपुर आदि क्षेत्रों में नदी मेें भी जा रहे हैं। खोह नदी पर्वतीय क्षेत्रों से होकर निकलती है। अक्सर पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश होती है और कोटद्वार में धूप लगी रहती है। दुगड्डा में सिलगाड और लंगूरगाड के खोह नदी में मिलने के कारण बरसात में खोह नदी रौद्र रूप ले लेती है। ऐसे में बरसात के समय इन दिनों कभी भी खोह नदी उफान पर आकर खतरे से अनजान इन पर्यटकों को बहा सकती है। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से पर्यटकों को नदी में जाने से रोकने के लिए प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
कोट
खोह नदी में जाने से लोगों को रोकने के लिए पुलिस, वन और सिंचाई विभाग को निर्देश दिए जाएंगे। इसके अलावा आपदा के दृष्टिगत कोटद्वार के कानूनगो को दुगड्डा मेें बैठाया जाएगा। उक्त सभी विभाग के कर्मचारियों को खोह नदी किनारे गश्त करने के निर्देश दिए जाएंगे। - योगेश मेहरा, एसडीएम कोटद्वार।