कोटद्वार। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय कोटद्वार ने जयहरीखाल के पूर्व प्रमुख अरुण हत्याकांड के तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अमित सजवाण और जितेंद्र रावत ने बताया कि 22 मई, 2015 की रात सतपुली-सिसल्डी मार्ग पर एक सड़क दुर्घटना के बाद जयहरीखाल के पूर्व प्रमुख अरुण खंतवाल की हत्या का मुकदमा पट्टी पटवारी बदलपुर-तीन में दर्ज कराया गया। घटना के कुछ दिन बाद ही इस मामले को राजस्व पुलिस से कोटद्वार थाने में ट्रांसफर कर दिया गया। मृतक के भाई सुनील चंद्र की ओर से दी गई तहरीर में उसके भाई की हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विवेचना के बाद रोहन सिंह पुत्र यतेंद्र सिंह नेगी निवासी कोटा मल्ला, हेमंत बिष्ट पुत्र गांधी बिष्ट निवासी ग्राम खैरा और मनजीत सिंह नेगी उर्फ बिट्टू पुत्र विजय सिंह निवासी कोटा मल्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में पौड़ी जेल भेज दिया। बताया कि मनजीत सिंह को कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया था, लेकिन दो आरोपी रोहन और हेमंत तभी से पौड़ी जेल में बंद हैं।