अब स्थानीय स्तर पर ही मिलेगी इमारती लकड़ी
देहरादून-विकासनगर के चक्करों से मिलेगी मुक्ति
नौगांव (उत्तरकाशी)। यमुना घाटी में वन निगम के फुटकर विक्रय डिपो खुलने की राह आसान हो गई है। विक्रय डीपो की मांग पर कार्रवाई करते हुए प्रबंधक निदेशक वन निगम नीना ग्रेवाल ने प्रभागीय लॉगिंग प्रबंधक वन विकास निगम टौंस पुरोला से अग्रिम कार्रवाई के लिए बिंदुवार रिपोर्ट मांगी है।
तुनालका वार्ड के जिला पंचायत सदस्य विजय बंधानी ने अप्रैल माह में वन मंत्री सुबोध उनियाल को पत्र सौंपकर यमुनाघाटी के केंद्र बिंदु नौगांव में वन निगम का फुटकर विक्रय डिपो खोलने की मांग की थी। उनके पत्र पर मंत्री ने प्रबंध निदेशक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। प्रबंध निदेशक ने डीएलएम पुरोला से बिंदुवार रिपोर्ट मांगी है। यमुना घाटी में लकड़ी का विक्रय डीपो न होने से जरूरतमंदों को अपने उपयोग के लिए समय पर इमारती लकड़ियां नहीं मिल पा रही हैं। इसके लिए उन्हें देहरादून और विकास नगर से अपनी आवश्यकताएं पूरी करनी पड़ रही हैं। अपर यमुना वन प्रभाग और टौंस वन प्रभाग से पुरोला, मोरी और नौगांव ब्लॉक की 249 ग्राम पंचायतें जुड़ी हुई है जिन्हें समय-समय पर आवासीय भवनों सहित अन्य आवश्यकताओं के लिए इमारती लकड़ियों की जरूरत पड़ती है। दोनों वन प्रभागों में वन निगम का विक्रय डिपो न होने से आपदा और भूस्खलन से गिरे पेड़ों का वन निगम छपान कर बिक्री के लिए देहरादून के सेलाकुई स्थित बिक्री डिपो में पहुंचा रहा है।
इसका सीधा नुकसान स्थानीय लोगों को हो रहा है। जिला पंचायत सदस्य विजय बंधानी ने बताया कि वन निगम का विक्रय डिपो खुलने से लकड़ी का यहीं भंडारण होगा और लोग जरूरत के हिसाब से इमारती लकड़ी खरीद सकेंगे। इससे वनों में होने वाली चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा और विभाग के ऊपर पीडी व फ्री ग्रांट की लकड़ी का दबाव भी नहीं रहेगा।