मंज्याड़ी गांव में बने पंप स्टेशन की एक मोटर ही कर रही काम
पुरानी पेयजल लाइन से ग्रामीण बमुश्किल चला रहे काम
कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक में जल जीवन मिशन के तहत परंडी पेयजल योजना में कराए जा रहे कार्य तीन साल बाद भी अधूरे पड़े हैं। कार्यदायी संस्था जल संस्थान की ओर से अभी तक नए कनेक्शनों में पानी उपलब्ध नहीं कराए जाने से घरों में लगे नल शोपीस बने हैं। कई जगह लाइन को भूमिगत नहीं किया गया है। यही नहीं मंज्याड़ी गांव में पेयजल टैंक नीचे और ओवर फ्लो टैंक ऊपर बनाया गया है।
मंज्याड़ी के ग्राम प्रधान श्रीकृष्ण भारद्वाज ने बताया कि क्षेत्र के रौता, रौतखोली, मल्ला कलीगाड, तल्ला कलीगाड, तल्ला बुलेखा, मल्ला बुलेखा, मंज्याड़ी, मल्ला खनेता, तल्ला खनेता, परंडी, अंगणनी, मनिगांव, घोटला, नुनेरा, ताड़केश्वर समेत आसपास के 15 गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2012 में बांगरो नदी में परंडी पेयजल योजना बनाई गई।
ग्राम प्रधान का आरोप है कि योजना के तहत बिछाई गई पेयजल लाइन को खुले में बिछा दिया गया है। पेयजल लाइन भूमिगत नहीं होने से भविष्य में इसके क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी है। योजना के निर्माण के बाद से मंज्याड़ी गांव में बने इनटेक पंप स्टेशन (आईपीएस)-1 व खनेता मल्ला में बने आईपीएस-2 की मरम्मत नहीं हुई है। आईपीएस-1 में एक ही मोटर काम कर रही है जबकि दूसरी मोटर खराब पड़ी है।
आईपीएस -1 में मुख्य टंकी नीचे और ओवरफ्लो टंकी ऊपर बनाई गई है। ग्राम प्रधान ने बताया कि सोमवार को हुई बैठक में उन्होंने इस संबंध में जल संस्थान के अधिकारियों को अवगत कराते हुए निर्माण कार्यों की जांच करा ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। जल संस्थान के जेई शमशुल अंसारी ने एक सप्ताह के भीतर पंप की मरम्मत करा प्रभावित ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति सुचारू करने का भरोसा दिया है।