कालागढ़/कोटद्वार। कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज में बाघ के दो शावकों के शव मिलने के मामले में वन आरक्षी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं फाॅरेस्टर से जवाब-तलब किया गया है। मामले की जांच के लिए कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रथम दृष्टया गश्त में लापरवाही उजागर होना सामने आया है।कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज के लकड़घाट के कक्ष संख्या एक मैग्जीन सोत में बाघ के दो शावकों के शव मिलने के मामले में वन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। गश्त में लापरवाही उजागर होने पर कालागढ़ रेंज के लकड़घाट में बीट प्रभारी आरक्षी अनु भारती को निलंबित कर कालागढ़ टाइगर रिजर्व के सोना नदी के उप प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, संबंधित सेक्शन अफसर फाॅरेस्टर से जवाब तलब किया गया है।
वन अधिकारियों का कहना है कि बाघ के शावकों के शव सड़-गल गए और इसकी वनकर्मियों को भनक तक नहीं लगी। गश्त के लिए नए निर्देश जारी किए गए। मामला प्रथम अनुसूची के जीव का होने के कारण कार्बेट टाइगर रिजर्व ने कड़ा कदम उठाया है। हालांकि अभी नए बीट प्रभारी की नियुक्ति नहीं हुई है, लेकिन वनकर्मियों पर कार्रवाई के बाद अब गश्ती दल ने जंगल में सक्रियता बढ़ा दी है।
उधर, कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने वन आरक्षी अनु भारती को निलंबित करने की पुष्टि की है। कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी बिंदरपाल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। कालागढ़ के वनक्षेत्राधिकारी मनीष कुमार का कहना है कि बीट प्रभारी अनु भारती की रिपोर्ट पर अज्ञात के खिलाफ वन अपराध जारी किया गया था। वन अपराध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 यथा संशोधित 2006, 2022 की धारा 9, 51 के तहत मामला दर्ज किया गया है।