क्षेत्र में पिछले चार दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है, लेकिन नगर निगम प्रशासन की ओर से अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में पुलिस, यात्री, खुले आसमान के नीचे जीवन यापन कर रहे लोगों के साथ ही लावारिस पशु भी ठंड से कांप रहे हैं।
क्षेत्र में हर साल पंद्रह दिसंबर के बाद कड़ाके की ठंड शुरू हो जाती है। इसे देखते हुए नगर निगम प्रशासन की ओर से पूर्व में करीब 12 मुख्य चौक चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की जाती थी, लेकिन इस बार कड़ाके की ठंड के बाद भी नगर निगम ने अलाव की व्यवस्था नहीं की है। कोटद्वार से रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहाड़ और मैदानी क्षेत्रों के लिए आवाजाही करते हैं लेकिन लोगों के पास ठंड से बचने का एकमात्र उपाय अलाव ही है। चार दिनों से क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शनिवार को पूरा क्षेत्र कोहरे के आगोश में रहा, लेकिन निगम प्रशासन की ओर से अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में यात्री, पुलिसकर्मी, तीमारदार के साथ ही लावारिस पशु भी कड़कड़ाती ठंड से ठिठुरने को मजबूर हैं।
इन जगहों पर जलाए जाते थे अलाव
नगर निगम प्रशासन की ओर से बेस अस्पताल, स्टेशन, लालबत्ती चौराहा, आमपड़ाव, झंडाचौक, मालगोदाम रोड, देवी मंदिर चौराहा, कौड़िया तिराहा, नींबूचौड़, दुर्गापुरी, मोटाढांक, कुंभीचौड़ आदि जगहों पर पूर्व में अलाव की व्यवस्था की जाती रही है।
अलाव जलाने के लिए लकड़ियों की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही सभी चिह्नित स्थानों पर अलाव की व्यवस्था कर दी जाएगी। - केएस नेगी, नगर आयुक्त कोटद्वार।