वर्ष 2017 में चिह्नित किए गए थे नगर की भूमि पर 59 अतिक्रमण
पूर्व में अस्थायी अतिक्रमण हटाकर कर ली थी इतिश्री
कोटद्वार। गोखले मार्ग पर वर्षों पहले चिह्नित किए गए अतिक्रमणों को हटाने के लिए नगर निगम की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। वर्ष 2017 में नगर निगम ने मार्ग पर कुल 72 अतिक्रमण चिह्नित किए थे जिनमें 59 नगर निगम की भूमि और 13 सिंचाई विभाग की नहर पर थे।
सिंचाई विभाग की भूमि पर किए गए कुछ अतिक्रमण पूर्व में हटाए गए थे। वहीं नगर निगम ने जुलाई 2023 में अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सितंबर 2023 में चिह्नित स्थलों पर लाल निशान लगाए गए और अक्तूबर में अस्थायी अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग के किनारे फल एवं सब्जी विक्रेताओं के कब्जे के कारण शाम के समय आवागमन प्रभावित होता है। नागरिक मंच सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कई बार धरना-प्रदर्शन कर अतिक्रमण हटाने की मांग उठाई लेकिन अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
62 बीघा भूमि से भी नहीं हटे अतिक्रमण
कोटद्वार। न्यायालय और जिला प्रशासन के आदेशों के बावजूद नगर निगम की 62 बीघा भूमि पर चिह्नित अतिक्रमण अब तक नहीं हटाए जा सके हैं। सामाजिक कार्यकर्ता मुजीब नैथानी ने बताया कि उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने 25 फरवरी 2021 को नगर निगम की नजूल भूमि पर हुए अतिक्रमण का सर्वे और सीमांकन कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने सहायक नगर आयुक्त की अध्यक्षता में सात सदस्यीय टीम गठित की थी। उन्होंने बताया कि तत्कालीन नगर आयुक्त वैभव गुप्ता ने सितंबर 2023 में टीम को सात दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। मुजीब नैथानी ने नगर निगम की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग दोहराई है। संवाद
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गोखले मार्ग पर अतिक्रमण को चिह्नित करने के लिए दोबारा टीम गठित की गई है। चिह्नीकरण के बाद अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। 62 बीघा भूमि का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट का निर्णय आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अन्य जगहों पर लगातार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है।
-पीएल शाह, नगर आयुक्त कोटद्वार।