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आबादी में धमका हाथी, टहल रहे लोगों ने भागकर बचाई जान

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कोटद्वार। नगर निगम क्षेत्र के कालाबढ़ में सोमवार रात हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। उसने लोगों की दीवार तोड़ डाली और धान के खेत व केले के पेड़ चट कर दिए। कालोनी की सड़कों पर टहल रहे लोगों ने हाथी को देखकर भागकर जान बचाई। हाथी के आबादी में धमकने से लोगों में भय है। उन्होंने वन विभाग से हाथी से सुरक्षा करने की मांग की है।
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शुक्रवार रात करीब 11 बजे लैंसडौन वन प्रभाग के जंगल से निकलकर हाथी कालाबढ़ की पॉश कालोनी की गलियों में घूमने लगा। कुछ लोग रात को खाना खाकर टहल रहे थे। हाथी को घूमते देख उन्होंने जान बचाने के लिए दूसरी गली में दौड़ लगा दी। इसके बाद हाथी डिग्री कालेज रोड स्थित प्रभात डबराल की बाउंड्री वाल तोड़ते हुए उनके घर के पास खेत में धमक गया। कुछ देर वहां से रहने के बाद वह सुभाष बड़थ्वाल और संजय बड़थ्वाल के धान के खेत में घुसा और खेत पर उगी धान की फसल और केले के पेड़ों को चट कर रौंद दिया। करीब दो घंटे तक धान की फसल खाने के बाद वह उसी रास्ते वापस जंगल की ओर चला गया।
स्थानीय निवासी सुभाष बड़थ्वाल, पंकज शर्मा व केश्वानंद भारद्वाज ने वन विभाग पर हाथी को जंगल में नहीं रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जंगल से निकलकर हाथी घनी आबादी में धमक रहा है। यहां लोग देर रात तक घरों के बाहर टहलते रहते हैं, ऐसे में मानव-हाथी संघर्ष का खतरा बना हुआ है। उन्होंने वन विभाग से लोगों के हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने और हाथी को जंगल में ही रोकने की मांग की है।
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उधर, कोटद्वार रेंज अधिकारी बीबी शर्मा ने बताया कि हाथी से लोगों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में रात को गश्त तेज कर दी गई है। लोगों का प्रार्थनापत्र आने पर मुआवजा दिया जाएगा।
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