कोटद्वार-पुलिंडा मार्ग पर धमका हाथी।
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लैंसडौन वन प्रभाग के जंगलों से निकलकर हाथी आबादी क्षेत्र का रुख कर रहे हैं, जिससे वन्यजीव मानव संघर्ष का खतरा बना है। सोमवार देर शाम एक हाथी पुलिंडा मार्ग पर आ धमका, जिससे करीब आधे घंटे आवाजाही भी बाधित रही। वहीं, दुगड्डा के नाथूपुर, साझासैंण और आमसौड़ में हाथियों का झुंड लगातार विचरण कर रहा है। ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
सोमवार देर शाम एक हाथी पुलिंडा मार्ग पर आ धमका, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। सूचना पर कोटद्वार से पहुंची वन विभाग की टीम फायरिंग की और पटाखे फोड़कर हाथी को जंगल में खदेड़ा। उधर, दुगड्डा ब्लॉक के आमसौड़ में तीन दिनों से हाथी गांव में धमक रहा है। हाथी लगातार गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा रहा है ।
सोमवार रात को हाथी ने इंद्रमोहन जुयाल, राजेंद्र सिंह दानी, संतन सिंह, प्रसन्न लाल, आनंद सिंह, पूरण सिंह की फसल रौंद डाली। दूसरी ओर, रात को हाथियों के झुंड ने साझासैंण में लोगों के नापखेत में लगी बांस की खेती को नुकसान पहुंचाया। मंगलवार को दिनभर हाथियों का झुंड नाथूपुर के आसपास मंडराता रहा। गांव के पास हाथियों के पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के झुंड को आबादी क्षेत्र से दूर खदेड़ने की मांग की।
दुगड्डा के रेंजर प्रमोद डोबरियाल ने बताया कि वनकर्मियों को मौके पर भेजा गया है। हाथियों के झुंड को वापस जंगल में खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।