मानदेय भुगतान और भत्ता देने की मांग को लेकर जल संस्थान के कोटद्वार डिवीजन में कार्यरत 156 पंप ऑपरेटर, फीटर, वॉलमैन, लाइनमैन आदि संविदा श्रमिकों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। संविदा श्रमिकों की हड़ताल से दुगड्डा, द्वारीखाल और यमकेश्वर की 28 पेयजल योजनाएं ठप रहीं। दूसरे दिन भी तीनों ब्लाकों के ग्रामीणों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ा। पेयजल आपूर्ति न होने से सरकारी विद्यालयों में भी मध्याह्न भोजन बनाने में दिक्कतें आईं। लोगों को प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोना पड़ा।
संघ के अध्यक्ष रुपेश नेगी और सचिव अनिल जोशी ने बताया कि शासन की ओर से वर्ष 2019 में संविदा कर्मचारियों को 9370 रुपये मूल वेतन के साथ 1140 रुपये डीए और साप्ताहिक अवकाश के बदले 2048 रुपये अतिकाल भत्ता देने की घोषणा की गई थी। विभाग की ओर से संविदा कर्मचारियों को अब भी पुराना वेतन 8840 रुपये दिया जा रहा है। गत अप्रैल माह से कर्मचारियों को एसआई और ईपीएफ में भी धनराशि जमा नहीं कराई गई है। जिला पंचायत सदस्य विनोद डबराल ने बताया कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण परंदा, फल्दाकोट, रणचूला, पुंडरासू पेयजल योजनाएं ठप होने से कई गांवों में पेयजल संकट हो गया है। पेयजल आपूर्ति न होने से स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने में भी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और शासन से कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने की मांग की।