ऐता गांव जहां हाथी ने नष्ट की हैं फसलें।
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ऐता गांव में शुक्रवार की रात हाथियों ने गेहूं की फसल चट कर ली और खेतों को रौंद दिया। इससे ग्रामीणों ने भयभीत होकर वन विभाग से जंगली जानवरों से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
दुगड्डा ब्लाक के पर्वर्तीय क्षेत्रों में जंगली जानवरों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। दुगड्डा के नजदीक ऐता गांव में हाथी ने वरिष्ठ भाजपा नेता मोहन लाल बौंठियाल के खेत में धमककर खेत में उगी गेहूं की फसल चट कर दी और बाकी खेत रौंद दिया। हाथी के लगातार गांव में धमकने से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीण ताजवर सिंह नेगी, सूरज प्रकाश, संदीप नेगी, दीपक नेगी ने वन विभाग पर हाथी को रोकने में नाकाम होने का आरोप लगाया। कहा कि विगत सप्ताह से लगातार हाथी गांव में धमक रहा है। शिकायत के बाद भी विभाग हाथी को रोकने के लिए स्थाई समाधान नहीं कर रहा है। इससे लोगों के जान-माल का खतरा बना हुआ है। उन्होंने नुकसान की शीघ्र भरपाई करने की मांग की। साथ ही हाथी के रोकथाम के लिए कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
आमसौड़ में जंगली सुअरों का आतंक जारी है। शुक्रवार रात तो सुअर ने वीर सिंह, इंद्रमोहन जुयाल, नवीन जुयाल, जगमोहन नेगी के खेत में उगी फसल को नुकसान पहुंचाया । उन्होंने आधी फसल खाई और आधी रौंड डाली। आमसौड़ वासियों ने वन विभाग से मुआवजे की मांग की है। लैंसडौन वन प्रभाग की दुगड्डा रेंज अधिकारी आरके बत्रा ने बताया कि ऐता गांव में हाथी की रोकथाम के लिए गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को उनकी फसल के नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा।