हल्दूखाता के कंचनपुरी में हाथी द्वारा तोड़ी गई चाहर दीवारी।
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भाबर के हल्दूखाता क्षेत्र के कंचनपुरी में हाथी ने काश्तकारों की दो बीघा से अधिक धान की फसल रौंद डाली। अंधेरा होते ही हाथी हाथियों का झुंड आबादी में पहुंचकर फसल चौपट कर रहे हैं। हाथी की धमक से काश्तकार परेशान हैं। काश्तकारों ने क्षेत्रीय विधायक व वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत से फसल का मुआवजा दिलवाने और वन विभाग की गश्त लगवाने की मांग की है।
काश्तकार योगेश्वर प्रसाद धूलिया, सोहनलाल धूलिया और पंचम सिंह ने बताया कि इन दिनों धान की फसल पकने की कगार पर है। एक माह से हर रात हाथी फसल खाने के लिए आबादी में धमक रहा है। काश्तकार अपने प्रयासों से हाथी को जंगल में खदेड़ रहे हैं, लेकिन वह थोड़ी देर में फिर से खेतों में पहुंच जा रहा है। भाबर के इस क्षेत्र में लोग खेतीबाड़ी पर निर्भर हैं। काश्तकार चंदन सिंह बताते हैं कि मंगलवार तड़के करीब तीन बजे एक हाथी यूपी के जंगल से निकलकर उनकी चाहरदीवारी तोड़ते हुए खेतों आ गया। हाथी ने बाइक भी क्षतिग्रस्त कर दी। हाथी ने क्षेत्र में एक घंटा जमकर उत्पात मचाया। हाथी के खौफ के कारण लोग घरों के अंदर से ही शोर मचा रहे थे। हिम्मत बांधकर कुछ लोगों ने खेतों में पहुंचकर पटाखे फोड़े, तब जाकर हाथी जंगल में भागा।