यमकेश्वर ब्लाक के अंतर्गत न्याय पंचायत बंचूरी के सात गांवों में पिछले आठ माह से पेयजल संकट गहराया हुआ है। स्थिति यह है कि ग्रामीण दो किमी दूर स्रोत से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में जल संस्थान के अधिकारियों को कई मर्तबा अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
यमकेश्वर ब्लाक के न्याय पंचायत बंचूरी के अंतर्गत चोपड़ा, सुनार गांव, पंजाई, गोदयूं, बघाला, गांव में पिछले आठ माह से पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से पेयजल आपूर्ति ठप है, लोग पेयजल किल्लत से परेशान हैं। ग्रामीण राजेंद्र सिंह, पूरण सिंह, लक्ष्मी देवी, गोपी सिंह, गोविंद सिंह, सुखवीर सिंह आदि ने बताया कि तीन दशक पहले इन गांवों में पेयजल की समस्या को देखते हुए शासन ने दूणी गदेरा पेयजल योजना को मंजूरी दी। पेयजल योजना के बनने के बाद से गांव में पेयजल की आपूर्ति सुचारु हो रही थी। वर्तमान में गत आठ माह से स्रोत में स्थित मेन पेयजल टैंक की पाइप लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो रखी है। इस संबंध में जल संस्थान के अधिकारियों को कई मर्तबा अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रभावित गांवों में पेयजल की आपूर्ति सुचारु करने की मांग उठाई है। एई देवकीनंदन जोशी का कहना है कि मामला संज्ञान में है। फीटर को मौके पर भेजकर क्षतिग्रस्त लाइन को ठीक करा क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति सुचारु करा दी जाएगी।