मलबा आने से धरगांव पेयजल योजना लाइन क्षतिग्रस्त, रास्ते भी बंद
ग्रामीण एक किमी दूर स्रोत से ढोकर ला रहे हैं पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। दुगड्डा ब्लाॅक के अंतर्गत धरगांव समेत आसपास के पांच गांवों में आपदा के 15 दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। स्थिति यह है कि मलबा आने से जहां गांव में चरेख-धरगांव सड़क बंद पड़ी है। वहीं धरगांव पेयजल योजना की लाइन क्षतिग्रस्त होने से लोग करीब एक किमी. दूर स्रोत से सिर पर पानी ढो कर ला रहे हैं। रास्ता भी मलबे से पटा होने के कारण लोगों को स्रोत तक पहुंचने में दिक्कतें हो रही हैं और हादसे की आशंका बनी है।
ब्लाक के धरगांव, क्वीरीखाल, सिमलखेत, सौंटियालधार और गहड़ गांव में क्वीरीखाल-सिमलखेत-धरगांव पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति होती है। सिमलखेत में पहाड़ी से मलबा आने के कारण पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिससे पांचों गांवों में पेयजल संकट बना है। स्थिति यह है कि इन गांवों के करीब 250 परिवार एक किमी. दूर स्रोत से पानी ला रहे हैं। वहीं धरगांव निवासी बशीर अहमद ने शासन-प्रशासन से मलबा हटाकर मार्ग खोलने और क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत कराने की मांग की।
कोट
आपदा न्यूनीकरण मद में बजट की डिमांड की गई है। बजट मिलते ही पेयजल लाइन दुरुस्त कराकर धरगांव में पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। - त्रिभुवन गुसाईं, अवर अभियंता जल संस्थान कोटद्वार।