एक साल से अधिक समय बीतने पर भी आपूर्ति बहाल नहीं
बैजरो/बीरोंखाल। नैनीडांडा ब्लॉक के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) सल्ड महादेव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। संस्थान में अध्ययनरत गढ़वाल और कुमाऊं के 260 छात्र-छात्राओं सहित कर्मचारियों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। बणासी गांव के लिए करीब डेढ़ साल पहले बनाई गई सड़क के दौरान संस्थान की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।
पेयजल संकट के कारण छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों को रोजमर्रा के कार्यों में परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थिति यह है करीब एक किमी. दूर स्थित प्राकृतिक से सिर पर ढोने को मजबूर हैं। संस्थान में पानी जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं होने से प्रशिक्षण कार्य भी प्रभावित होने की आशंका है।
छात्रों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए वे विधायक, ब्लॉक प्रमुख सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार शिकायतों के बावजूद पेयजल व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से छात्रों में नाराजगी है। उनका कहना है कि संस्थान में सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसके बावजूद पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा बहाल करने में इतनी देरी होना चिंताजनक है।
सड़क का निर्माण जिला प्लान के तहत हुआ था। इसमें पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए बजट का प्रावधान नहीं होता है। इसके बावजूद क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा।
- विवेक कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि लैंसडौन।
.
योजना विद्यालय की अपनी है। क्षेत्रीय विधायक दिलीप रावत ने इस संबंध आगणन मांगा था, उन्हें उपलब्ध करा दिया गया था। बजट उपलब्ध होने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।
- अभिषेक वर्मा, अधिशासी अभियंता जल संस्थान कोटद्वार।