दहेज हत्या के दो साल पुराने मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने पति समेत चार ससुरालियों को दस वर्ष की कैद और बारह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मृतका के पिता ने ससुरालियों पर भोजन में जहर देकर बेटी को मारने का आरोप लगाया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार ग्राम भराड़ीधार, पट्टी ढौंढियालस्यूं निवासी शोभा (21) का विवाह ग्राम खिटोरिया, पट्टी खाटलीपल्ला थलीसैंण निवासी अशोक नौटियाल के साथ 28 नवंबर 2013 को हुआ था। शादी के करीब पांच माह बाद 13 अप्रैल 2014 को शोभा के ससुराल से उसके पिता पाती राम ढौंढियाल को फोन से सूचना मिली कि उनकी बेटी की तबीयत खराब है और वे लोग आ जाएं। बताया गया कि शोभा को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल में भर्ती किया गया है। पातीराम अपनी पत्नी दिक्का देवी के साथ अस्पताल पहुंचे जहां उसका इलाज चल रहा था।
गाजियाबाद में हुई थी मौत
शोभा की गंभीर हालत देखते हुए राजकीय संयुक्त चिकित्सालय रामनगर के लिए रेफर कर दिया। ससुरालियों ने शोभा को राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराने के बजाय काशीपुर स्थित चामुंडा अस्पताल में भर्ती करा दिया। 13 और 14 अप्रैल को शोभा काशीपुर के अस्पताल में भर्ती रही। 15 को ससुराली इलाज पूरा हुए बगैर ही डिस्चार्ज कराके उसे काशीपुर स्थित घर ले गए। 16 को तबियत बिगड़ने पर पिता को फोन से सूचना दीं। 17 अप्रैल को शोभा का भाई भाष्कर काशीपुर पहुंचा और बहन की स्थिति खराब देखकर पिता को हालात की जानकारी दी। इस पर पिता ने पट्टी पटवारी खाटलीपल्ला, थलीसैंड़ में ससुरालियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई। 17 को ही मायके और ससुराल पक्ष के लोगों ने शोभा को फिर से चामुंडा अस्पताल में भर्ती कराया। 19 को शोभा को फैमिली हेल्थ केयर सेंटर वसुंधरा, गाजियाबाद में भर्ती कराया गया। यहां पर दो दिन आईसीयू में भर्ती रहने के बाद शोभा ने 22 अप्रैल को दम तोड़ दिया। गाजियाबाद पुलिस ने शोभा का पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। 24 अप्रैल को शोभा के पिता ने फिर से पट्टी पटवारी खाटलीपल्ला में तहरीर दी।
25 मई को जिला जल कंवर सेन की अदालत में आठ गवाह पेश किए गए। जिला जज ने विशंबर दत्त (ससुर), गणेशी देवी (सास), अशोक नौटियाल (पति), सुभाष (देवर) को दहेज हत्या में दस साल की कैद और 12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।