विभागीय उपेक्षा का दंश झेल रहे राजकीय इंटर कालेज सिंवालीधार में शिक्षा व्यवस्था दम तोड़ने लगी है। शिक्षकों के अभाव से जूझ रहे विद्यालय में जहां छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं जर्जर भवन खतरा भी बना हुआ है। विद्यालय के प्रति विभाग की उपेक्षापूर्ण नीति के विरोध में अभिभावक संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
विकासखंड देवप्रयाग के जीआईसी सिवांलीधार में विज्ञान सहित अहम विषयों के चार पद रिक्त हैं। हिंदी प्रवक्ता का पद 16 वर्षों से रिक्त चल रहा है, वहीं विद्यालय में भवनों की स्थिति भी जर्जर बनी हुई है। दो दिन पूर्व हुई तेज बारिश से विद्यालय भवन के दो कमरे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे जूनियर कक्षाएं खुले आसमान के नीचे संचालित की जा रही हैं।
चार कमरे पूर्व से ही क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे में कई कक्षाओं का संचालन एक ही कक्ष में किया जा रहा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य केएल अनुरागी ने बताया कि विद्यालय की समस्याओं से उच्चधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
खंड शिक्षा अधिकारी डीएस बिष्ट ने कहा कि शिक्षकों की कमी को अतिथि शिक्षकों के माध्यम से पूरा किया जाएगा जबकि विद्यालय के क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत और निर्माण के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य से प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।