रेल और सड़क यातायात आंशिक रूप से प्रभावित
मुख्य चौराहों समेत प्रमुख जगहों पर अलाव जलवाने की उठी मांग
कोटद्वार। आधी रात के बाद कोटद्वार और भाबर के समूचे ग्रामीण अंचल को कोहरे ने अपने आगोश में ले लिया। पारा गिरने से कंपकंपी बढ़ी और घने कोहरे से रेल एवं सड़क यातायात आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। लोगों ने मुख्य चौराहों समेत प्रमुख जगहों पर अलाव जलाने की मांग की है।
एक ही दिन में करीब तीन से चार डिग्री पारा गिर गया। मंगलवार मध्यरात्रि से कंपकंपा देने वाली ठंड बुधवार को भी दिन भर महसूस की गई। वहीं, कोहरा छाए रहने से पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क पर वाहन रेंगते रहे। केवल उत्तराखंड के कई इलाकों में ही नहीं, उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर समेत कई जगहों पर कोहरे की घनी चादर जमीन पर उतरे होने का असर रेल संचालन पर पड़ा। आनंद विहार से चलकर कोटद्वार आने वाली एक्सप्रेस ट्रेन बुधवार तड़के करीब आधा घंटा विलंब से कोटद्वार पहुंची। वहीं, जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन आंशिक विलंब से पहुंची।
वहीं, घना कोहरा छाने के कारण भाबर के जशोधरपुर और सिगड्डी ग्रोथ सेंटर के कर्मचारियों को वाहनों की लाइट जलाकर आवागमन करना पड़ा। प्राथमिक चिकित्सालय झंडीचौड़ में तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि बिष्ट ने सर्दी से बचाव के लिए सावधानी बरतने, आवश्यकता अनुसार पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी।
संकल्प फाउंडेशन के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह रावत, प्रदीप कंडवाल, हिमांशु शाह, प्रियांशु चंद, आकांक्षा रावत, विशाल माने, जगत सिंह सौंद का कहना है कि सड़कों पर भटक रहे निराश्रित पशु तो मौसम का दंश झेल ही रहे हैं। कोहरे में ये पशु नजर नहीं आने से दुर्घटना का भी डर बना है। उधर, क्षेत्रवासियों ने जनहित में नगर निगम से मुख्य चौराहों पर अलाव जलवाने की मांग की है।