कोटद्वार। अब क्षेत्र के काशीरामपुर मल्ला में डेंगू का मरीज मिला है। कोटद्वार का यह पांचवां और काशीरामपुर मल्ला का पहला केस है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की ओर से डेंगू से बचाव के लिए जनजागरूकता पर भी जोर दिया जा रहा है, लेकिन लोगों में जागरूकता का अभाव है। दरअसल टीम को सर्वे के दौरान गिवईं स्रोत के उस परिवार में डेंगू का लार्वा मिला है, जहां विगत वर्ष डेंगू के तीन मरीज मिले थे। वहीं, नगर निगम ने निचले इलाकों में कीटनाशक छिड़काव, फॉगिंग के साथ ही सफाई एवं पानी की निकासी पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इसके बावजूद अभी भी कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पानी रुका हुआ है। इस तरह की लापरवाही से डेंगू की समस्या बढ़ने की आशंका भी बढ़ रही है।
रविवार शाम बेस अस्पताल में काशीरामपुर मल्ला से 41 वर्षीय डेंगू पीड़ित पुरुष को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। इससे पहले कोटद्वार के लकड़ी पड़ाव, सैंधीखाल निवासी युवा पुलिसकर्मी और नीलकंठ में कांवड़ ड्यूटी देकर लौटे दो पुलिसकर्मी डेंगू पीड़ित हो चुके हैं। बरसात खत्म होने और मौसम में बदलाव होने के साथ ही डेंगू का खतरा और भी बढ़ जाएगा। दरअसल काशीरामपुर तल्ला, लकड़ी पड़ाव, गाड़ीघाट, विकास नगर, सिताबपुर, रमेश नगर सहित कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जहां बरसात के बाद पानी का जमाव होता है या नमी बनी रहती है। ऐसी जगहों पर डेंगू के मच्छर पनपने के हालात बन जाते हैं। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग लगातार इसी बात पर जोर दे रहा है कि आमजन अपने आसपास पानी एकत्र न होने दें। रविवार रात हुई बरसात का पानी निचले इलाकों में कई जगह रुका हुआ है। जिसके आसपास सघन आबादी है। कई जगह नालियां अवरुद्ध होने से गंदे पानी का भी जमावड़ा हुआ है। डेंगू बचाव अभियान के नोडल अधिकारी एवं नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुनील शर्मा ने डेंगू का मरीज मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मरीज बेस अस्पताल में उपचाराधीन है।
काशीरामपुर तल्ला के अमर सिंह, पीसी नैथानी, जोगेंद्र रावत ने बताया कि इस बार पिछले वर्षों की अपेक्षा बारिश कम रही। जिससे पानी का जमाव कम हुआ है। जहां पानी रुका हुआ है, प्रशासन को पानी निकलवाकर, सफाई कराने के साथ कीटनाशक छिड़काव कराना चाहिए। लकड़ी पड़ाव क्षेत्र के निवासी इदरीश, वाजिद ने बताया कि निगम की टीम कुछ दिन पहले कीटनाशक का छिड़काव और फॉगिंग करने आई थी। डेंगू से बचाव के लिए एक-दो दिन बाद फॉगिंग कराते रहना चाहिए।
-पानी का जमाव नहीं होने दिया जा रहा है। कुछ अवरुद्ध नालों को खुलवाया गया है। हालांकि कुछ जगहों पर तकनीकी समस्या आड़े आ रही है, लेकिन नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग टीम भावना से हर परिस्थिति से निपटने में ताकत झोंक रहा है। जनता को भी जागरूक होने की जरूरत है।
-वैभव गुप्ता, नगर आयुक्त, नगर निगम कोटद्वार