नवसृजित नगर निगम कोटद्वार को पर्याप्त संसाधन और बजट उपलब्ध कराने समेत बारह सूत्री मांगों के निराकरण की मांग को लेकर मेयर हेमलता नेगी की अगुवाई में कांग्रेसी पार्षदों और नागरिकों ने नगर में रैली निकाल प्रदर्शन किया। इस मौके पर एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित कर मांगों के निराकरण की मांग की गई। मेयर ने भाजपा सरकार पर कोटद्वार के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया।
बृहस्पतिवार को कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों के साथ उनके वार्डों की जनता ने नगर निगम कार्यालय में एकत्र होकर मेयर हेमलता नेगी के नेतृत्व में नगर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। रैली नगर के मुख्य मार्गों से होते वापस निगम पहुंची। नगर निगम में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि निगम की समस्याओं को लेकर एक साल में पांच बार मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री से वार्ता की गई, लेकिन अभी तक ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए भूमि तक उपलब्ध नहीं कराई गई। बजट आवंटन में भी भेदभाव की नीति अपनाई जा रही है। कोटद्वार से कम आबादी वाले ऋषिकेश नगर निगम को जहां चार करोड़ का बजट दिया गया, वहीं कोटद्वार निगम को महज एक करोड़ दिए गये हैं। यदि सरकार कोटद्वार जिले की मांग को स्वीकार करती तो आज क्षेत्र के हालात बेहतर होते।
उन्होंने क्षेत्रीय विधायक और वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत पर तंज कसते हुए कहा कि जिला विकास प्राधिकरण पर विधायक ने चुप्पी साधी हुई है। सुनियोजित षडयंत्र के तहत प्राधिकरण थोपकर जनता का शोषण और क्षेत्र की बेशकीमती जमीन खुर्द-बुर्द की जा रही है। उन्होंने क्षेत्र में फल फूल रहे नशे के धंधे को लेकर भी सरकार को घेरा। इस मौके पर पार्षद गीता नेगी, अनिल रावत, नईम अहमद, प्रवेंद्र रावत, अनिल नेगी, बीना नेगी, विपिन डोबरियाल, सूरज कांति, कविता मित्तल, कृष्णा बहुगुणा, रूपन नेगी, शकुंतला चौहान, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रमोहन खर्कवाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष विजय नारायण सिंह, महानगर अध्यक्ष संजय मित्तल, बलवीर सिंह रावत, गीता सिंह, पूर्व प्रमुख सुरेश असवाल आदि मौजूद रहे।
पूर्व मंत्री ने रैली के जरिए किया शक्ति प्रदर्शन
मेयर, पार्षदों समेत शहरवासियों के प्रदर्शन के जरिए पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने क्षेत्रीय विधायक और वन मंत्री को यह संदेश देने का प्रयास किया कि भले ही वर्तमान में वह विधायक नहीं हैं, लेकिन क्षेत्र में आज भी उनका वर्चस्व कायम है और वह लोकप्रिय नेता हैं। उन्होंने कहा कि 2022 में राज्य में कांग्रेस की सरकार आने वाली है और कोटद्वार में विधायक भी कांग्रेस का ही होगा। कहा कि उनके कार्यकाल में यदि चार दिन रामनगर मार्ग बंद होता था, तो विभिन्न संगठन चिल्लाने लगते थे, लेकिन आज क्षेत्रीय विधायक वन मंत्री भी है, बावजूद इसके कोटद्वार-पाखरो-कालागढ़-रामनगर मार्ग बंद हैं। जीएमओयू को अपनी बसें यूपी के नजीबाबाद होते हुए कालागढ़ और कुमाऊं संचालित करनी पड़ रही है।