कार्बेट टाइगर रिजर्व के बफर जोन से सटे नैनीडांडा ब्लाक के कई गांवों में गत दो माह से गुलदार और बाघ की दहशत बनी हुई है। बाघ और गुलदार दोनों के आबादी क्षेत्र में धमकने से लोगों में भय व्याप्त है। लोग अकेले पैदल आवाजाही करने से बच रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ और गुलदार से निजात दिलाने की मांग की है।
कार्बेट के बफर जोन से लगे नैनीडांडा ब्लॉक के झुडुंगू, कमंदा, किमखेत, कमेड़ा, बवाणी, लूठिया आदि गांवों में आबादी से सटे इलाकों में दिन ढलते ही बाघ और गुलदार धमक रहा है। जिससे लोगों में दशहत बनी है। गुलदार अबतक दर्जनभर मवेशियों को निवाला बना चुका है। ग्राम प्रधान देवेंद्र सिंह (झुडुंगू), भगत सिंह (कमंदा), सुरेंद्र सिंह (किमखेत), दिनेश भदूला, कृष्णा, सत्येंद्र लाल आदि ग्रामीणों ने गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। तीन दशक पहले शंकरपुर, सल्ट महादेव, खिरेरीखाल, पंजारा, चुलसिया, रिंगल्टा, पुलटंडा आदि गांवों में नरभक्षी गुलदार ने कई दिनों तक आतंक मचाया था, तब गुलदार ने चार लोगों को निवाला बनाया था। कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग के मैदावन रेंज की रेंजर नेहा चौधरी ने कहा कि गुलदार और बाघ की सक्रियता को देखते हुए क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। साथ ही क्षेत्र में स्थायी वन चौकी भी बनाई जा रही है।