कोटद्वार। नागरिक मंच की मासिक बैठक में शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए फिर से कार्रवाई शुरू करने की मांग शासन और प्रशासन से की गई। नगर निगम की ओर से अतिक्रमण हटाने से हाथ खड़े किए जाने पर रोष जताया गया। इस मौके पर अन्य समस्याओं पर भी चर्चा की गई। बैठक में मसूरी और खटीमा कांड में शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी गई।
व्यापार मंडल सभागार में सोमवार को नागरिक मंच की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि गत वर्ष अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान व्यापारियों ने शपथपत्र देकर दीपावली के बाद स्वयं अतिक्रमण हटाने पर सहमति जताई थी। नागरिक मंच की ओर से गत मार्च, जुलाई और अगस्त माह में किए गए प्रदर्शनों के बाद नगर निगम प्रशासन ने उन बिंदुओं पर सहमति जताई थी, लेकिन नगर निगम प्रशासन ने उन बिंदुओं पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। कहा कि गत वर्ष 20 सितंबर के बंद के बाद अपर जिलाधिकारी की उपस्थिति में नगर निगम प्रशासन और आंदोलनकारियों के मध्य बनी सहमति पर भी निगम प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
कहा कि डीएम पौड़ी के कोटद्वार आगमन के दौरान इन विषयों को उनके संज्ञान में लाया जाएगा। बैठक में वर्ष 2011 में कोटद्वार समेत चार जिलों की घोषणा पर अभी तक कार्रवाई न होने पर आक्रोश जताया। बैठक में मंच के संरक्षक हरीश भदोला, पूरण सिंह रावत, महावीर सिंह रावत, राजेंद्र सिंह नेगी, कमला चौहान, गोविंद डंडरियाल, प्रवेश नवानी, देवव्रत काला, हर्षवर्धन ध्यानी, राजेंद्र देवरानी, शंकर दत्त गौड़, राजेंद्र पंत और सुबोध देवरानी आदि ने विचार रखे। बैठक का संचालन महासचिव अतुल भट्ट ने किया।