वनंत्रा रिजॉर्ट पर बिना अनुमति जेसीबी चलाने के मामले की याचिका पर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में मंगलवार को बहस हुई। इस पर फैसला 20 अक्तूबर को सुनाया जाएगा। दरअसल अंकिता हत्याकांड मामले में यमकेश्वर के गंगाभोगपुर तल्ला स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट पर बिना अनुमति जेसीबी चलाने का मामला सामने आया था।
याचिका में रिजॉर्ट तोड़ने का आदेश देने वाली महिला जनप्रतिनिधि पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। बीते 12 अक्तूबर कोटद्वार के अधिवक्ता प्रवेश रावत ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में एक अर्जी देते हुए वनंत्रा रिजॉर्ट में अंकिता भंडारी के कमरे को जेसीबी से तोड़ने का आदेश देने वाली महिला जनप्रतिनिधि के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी।
इस मामले में कोर्ट ने संबंधित तहसीलदार से रिपोर्ट तलब करते हुए मंगलवार को संबंधित पक्षों की बहस सुनी। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र सिंह रावत व सहायक अभियोजन अधिकारी गोविंद सिंह नेगी ने सरकार का पक्ष रखा। कहा कि अंकिता हत्याकांड में एक मुकदमा पहले से ही हत्या, साजिश रचने और साक्ष्य छिपाने से संबंधित दर्ज है।
ये भी पढ़ें...केदारनाथ हेलीकॉप्टर क्रैश: दुर्घटना में मारे गए पायलट का शव भेजा गया जौलीग्रांट, हादसे से यात्रियों में दहशत
यदि साक्ष्य छिपाने की बात जांच में सामने आती है तो यह मामला इसी से जुड़ेगा। इस मामले में अलग से मुकदमा दर्ज करने की जरूरत नहीं है। जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता अजय पंत और प्रवेश रावत ने जेसीबी चलवाने के मामले को अंकिता भंडारी हत्याकांड में साक्ष्य छिपाने का बड़ा मामला बताया।