सतपुली। गत दिनों से क्षेत्र में हो रही तेज बारिश के चलते सतपुली-कांसखेत मोटर मार्ग पर भारी मलबा आने से मार्ग यातायात के लिए ठप हो गया। अचानक गिरे मलबे की चपेट में आने से कई यात्री वाहन बाल बाल बचे। करीब तीन घंटे बाद लोक निर्माण विभाग की जेसीबी ने मार्ग का मलबा हटाया। तब जाकर यातायात सुचारु हो सका। इस दौरान लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शनिवार दोपहर बाद एक बजे सतपुली-कांसखेत सड़क पर यातायात सुचारु चल रहा था। तभी अचानक हंस अस्पताल चमोलीसैंण के पास सड़क के ऊपर की पहाड़ी भरभराकर गिर गई। कई वाहन मलबे की चपेट में आने से बाल बाल बचे। भारी मात्रा में मलबा आने के कारण सड़क पर यातायात बाधित हो गया। इसके चलते मलबे के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। बांघाट की ओर से सतपुली आने वाले और सतपुली से हंस अस्पताल जाने वाले लोगों को खतरे की जद में मलबा पार कर पैदल रास्ता नापना पड़ा। दो घंटे तक पहाड़ी के टूटने के चलते लगातार मलबा आता रहा। इसके कारण लोक निर्माण विभाग की जेसीबी कार्य नहीं कर सकी। तीन घंटे बाद किसी प्रकार सड़क को साफ किया गया।
ग्रामीण विनय जोशी, कुलदीप गुसाईं, पूरण डोबरियाल, कन्हैया बडोला व अरुण काला ने लोनिवि पर लोगों का जीवन खतरे में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सतपुली से बांघाट के बीच मार्ग पर अनेक स्थान डेंजर जोन बने हुए हैं। इसके कारण आए दिन मलबा आने से मार्ग बाधित हो जाता है। लोगों को पैदल चलना पड़ता है। कई बार विभाग से मार्ग की हालत सुधारने के लिए लिखित और मौखिक शिकायत की गई, लेकिन इसको लेकर विभाग गंभीर नहीं है। विभाग को शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
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