भाबर क्षेत्र के खूनीबड़ में मंगलवार रात को नशे में धुत बाप और दो बेटों पर गढ़वाल सभा के कोषाध्यक्ष विकास देवरानी ने जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने कोतवाली में नामजद तहरीर दी।
बुधवार को विकास देवरानी गढ़वाल सभा के सदस्यों के साथ कोतवाली पहुंचे। उन्होंने एसएसआई प्रदीप नेगी को दी तहरीर में बताया कि खूनीबड़ निवासी उनके बड़े भाई कैलाश चंद्र देवरानी मंगलवार को होली के दिन उनके तड़ियाल चौक स्थित घर पर आए थे। शाम करीब साढ़े सात बजे कैलाश चंद्र के घर से फोन आया कि एक युवक नशे की हालत में जबरन घर में घुस गया है और अभद्रता कर रहा है। फोन सुनते ही वह अपने भाई को लेकर कार से मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार को सड़क किनारे पार्क किया। इतने में नशे में धुत दो युवक अपने पिता के साथ कार के सामने आ गए और उन्होंने उनकी कार में पत्थरों से तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी, जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्होंने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। युवकों ने उनके भाई कैलाश के सिर पर पत्थर मारकर उनको घायल कर दिया और इसके बाद युवकों ने फोन कर अन्य लोगों को बुलाया और उनकी कार को धकेलकर पास के एक मैदान में ले गए और शीशे व दरवाजे तोड़ दिए। इसके बाद कार को अपने घर के पास ले गए।
विभिन्न संगठनों ने कोतवाली घेरी
कोटद्वार। गढ़वाल सभा के कोषाध्यक्ष पर जानलेवा हमले की सूचना मिलते ही गढ़वाल सभा, महिला पंतजलि, भारत स्वाभिमान ट्रष्ट, पूर्व सैनिक लीग, विश्व हिंदू परिषद, महर्षि योग समिति आदि संगठनों के लोग बड़ी संख्या में कोतवाली में एकत्र हुए और उन्होंने कोतवाली का घेराव कर दिया। लोगों ने पुलिस पर असामाजिक तत्वों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। कहा कि गुंडागर्दी चरम पर पहुंच गई है। लगातार हो रहे जानलेवा हमलों के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने अधिकारियों के समक्ष घटना पर रोष व्यक्त करते हुए हमले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस अवसर पर गढ़वाल सभा के महासचिव राकेश मोहन ध्यानी, योगंबर सिंह रावत, गोविंद डंडरियाल, कर्नल बुद्धि बल्लभ ध्यानी (सेनि), शोभा रावत, विजय नौटियाल, दीपक गौड़, संजय थपलियाल, कैलाश चंद्र देवरानी, कृष्ण दर्शन भदूला, सुनील कुमार शुक्ला, अनिल जुगराण, आनंद नेगी, सुमन देवरानी, राज प्रकाश, चंद्रप्रकाश ध्यानी, राजीव शर्मा, शशिभूषण अमोली, आरती खंतवाल, आशा रावत, प्रियंका कंडवाल, लक्ष्मी नेगी, लक्ष्मी रावत, वंदना थपलियाल, सुनीता बिष्ट आदि मौजूद थे। उधर, कोतवाल मनोज रतूड़ी ने मामले की जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
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कोतवाल के रवैये से भड़की महिलाएं
कोटद्वार। कोतवाली में जब महिला पतंजलि समिति से जुड़ी महिलाएं घटना का विरोध कर रही थी, तभी कोतवाल मनोज रतूड़ी मौके पर पहुंचे और भीड़ को देख कर कहने लगे यह मछली बाजार नहीं थाना है, कैसी भीड़ लगा रखी है। इतना सुनते ही महिलाएं भड़क उठी। उन्होंने पुलिस पर वर्दी का रौब दिखाने का आरोप लगाया। कहा कि पुलिस को जानलेवा हमला करने वालों को दंड देना चाहिए, लेकिन पुलिस उल्टा उन्हें ही धमका रही है।
समिति के अध्यक्ष पर पहले भी हो चुका है हमला
कोटद्वार। गत पांच फरवरी को भाबर के गोरखपुर निवासी कण्व योग समिति के अध्यक्ष पूर्व सैनिक नीरज नेगी पर खननकारियों ने जानलेवा हमला कर उनकी कार में तोड़फोड़ कर दी थी। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने एक व्यक्ति को नामजद करते हुए पांच से छह अज्ञात लोगों पर हत्या के प्रयास और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। नीरज नेगी ने बताया कि पांच फरवरी की घटना के बाद छह फरवरी को कोतवाली में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मारपीट के आरोपी सरेआम धूम रहे हैं, लेकिन पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है।
गढ़वाल सभा के कोषाध्यक्ष पर हुए जानलेवा हमले के खिलाफ कोतवाली में पुलिस अधिकारियों के समक्ष रोष ?- फोटो : KOTDWAR