यमकेश्वर ब्लॉक के घारकोट के पास हाईटेंशन लाइन पर चिपका कर्मी।
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ऊर्जा निगम के कस्याली सब स्टेशन में तैनात कर्मियों की लापरवाही ने ठेकेदार के लाइनमैन की जान ले ली। बिजली घर से शटडाउन लेने की सूचना के बाद जैसे ही वह 11 केवी हाईटेंशन लाइन में फ्यूज लगाने के लिए चढ़ा। उसके शरीर में करंट दौड़ गया। देखते ही देखते वह बुरी तरह जल गया और लाइन पर ही चिपक गया। शाम तीन बजे हुई इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। देर शाम तक मौके पर प्रशासन की ओर से मात्र पटवारी पहुंच सके थे। ऊर्जा निगम के अधिकारी और संबंधित ठेकेदार देर शाम तक मौके पर नहीं पहुंच सके जिसके चलते शव को लाइन से नीचे नहीं उतारा जा सका था।
कसाण गांव निवासी युवक रमेश सिंह (28) पुत्र अमर सिंह पंवार यमकेश्वर के डांडामंडल क्षेत्र में ऊर्जा निगम के ठेकेदार के साथ लाइनमैन का काम करता था। बृहस्पतिवार को लाइन में फाल्ट आने पर उसने कस्याली बिजलीघर से मरम्मत के लिए शटडाउन मांगा और इसके बाद 11 केवी लाइन पर चढ़ गया। जैसे ही उसने फाल्ट ठीक करने के लिए हाथ बढ़ाया, उसे करंट लग गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना से क्षेत्रवासियों में ऊर्जा निगम की कार्यशैली के प्रति रोष बना हुआ है। अधिशासी अभियंता जाकिर हुसैन ने बताया कि कस्याली में बिजली की लाइनों की मेंटेनेंस ठेकेदार को दी गई है।
उसके कर्मचारी वहां काम करते हैं। घटना की जांच के आदेश कर दिए गए हैं। एसडीओ प्रशांत जुयाल केे कस्याली बिजली घर के लिए रवाना कर दिया गया है, जबकि अवर अभियंता जगवीर सिंह चौहान को घटनास्थल पर भेजा गया है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई है।
कसाण गांव के ग्राम प्रधान गुलाब सिंह, धारकोट के प्रधान जगमोहन सिंह, तल्ला बणास के प्रधान विनोद सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य धारकोट बिजेन्द्र सिंह, ग्राम प्रधान ताछला बामदेव और सामाजिक कार्यकर्ता बचन सिंह बिष्ट ने इसे ऊर्जा निगम की लापरवाही करार दिया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला ने ऊर्जा निगम से मृृतक आश्रितों को मुआवजे की मांग की है।