कोटद्वार। द्वारीखाल ब्लाक के क्यार (डबरालस्यूं) निवासी आईटीआई के छात्र अमन सिंह नेगी की संदिग्ध हालत में हुई मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक के पिता ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा कि उसके बेटे ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या कर पेड़ से लटका दिया गया है। कहा कि 26 मार्च को उसका शव राजस्व पुलिस को लंगूर पल्ला-चार पटवारी सर्किल क्षेत्र के जंगल में पेड़ से लटका मिला था, जिसे राजस्व पुलिस आत्महत्या बता रही है। परिजनों ने इस मामले की जांच राजस्व पुलिस से सिविल पुलिस को ट्रांसफर करने की मांग की है।
द्वारीखाल ब्लॉक के ग्राम क्यार निवासी चंद्रमोहन सिंह नेगी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी को पत्र भेजकर अपने पुत्र अमन सिंह नेगी (18) की जांच की गुहार लगाई है। कहा कि वह नागपुर महाराष्ट्र में नौकरी करते हैं। उनका बेटा अमन निंबूचौड़ में अपने मामा के यहां रहकर आईटीआई कर रहा था। 26 मार्च
को उनके बेटे का शव लैंसडौन क्षेत्र के अंतर्गत लंगूर पल्ला क्षेत्र की राजस्व पुलिस को लंगूरी और डाबर की सरहद से लगे जंगल में पेड़ से लटका मिला। घटना की जानकारी उन्हें उनके साले प्रदीप सिंह नेगी ने फोन पर बताई। कहा कि 31 मार्च को उन्होंने संबंधित पटवारी सर्किल में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा कायम कराया, लेकिन अभी तक राजस्व पुलिस इस मामले में कुछ नहीं कर सकी है। कहा कि अमन की मौत को आत्महत्या बनाने का प्रयास किया गया है। जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। बताया कि अमन के पास दो मोबाइल फोन थे, जो शव के पास बरामद नहीं हुए हैं। कहा कि मामले की जांच यदि रेगुलर पुलिस या सीबीसीआईडी से कराई जाती है तो खुलासा हो सकता है।