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छात्रा के अपहरण और दुराचार मामले में आरोपी दोषसिद्ध

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कोटद्वार। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवरसेन ने बृहस्पतिवार को दुराचार के दोे अलग-अलग मामले में दोे लोगों को दोषी करार दिया है। थलीसैण की छात्रा से दुष्कर्म मामले में अदालत ने एक शिक्षक को दोषी करार ठहराते हुए उसकी सजा की तिथि इसी माह 25 तारीख मुकर्रर की है। उसे पौड़ी अदालत में सजा सुनाई जाएगी। वहीं, कालागढ़ में छात्रा के अपहरण और उससे ब्लात्कार के मामले में दोषी करार दिए गए युवक को सजा शुक्रवार को सुनाई जाएगी। जमानत पर चल रहे इस युवक को कस्टडी में लेने के आदेश अदालत ने दिए हैं।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवरसेन की अदालत ने थलीसैंण तहसील के चोपड़ा कोट पटवारी सर्किल के एक गांव में छात्रा से दुराचार के मामले में शिक्षक को दोषी करार दिया है। जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि 8 दिसंबर 2016 की रात गांव में एक शादी समारोह था। इसमें गणित का शिक्षक संजय सिंह भी आया था। रात में मौका पाकर शिक्षक ने छात्रा के साथ जबरदस्ती की। इसकी रिपोर्ट छात्रा के परिजनों ने राजस्व पुलिस में दर्ज कराई थी। नेगी ने बताया कि संजय सिंह पुत्र पंचम सिंह को ग्रामीणों ने चंदे की धनराशि से स्कूल में पढ़ाने के लिए रखा था। अभियोजन पक्ष ने मामले में आठ गवाह कोर्ट में पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने संजय सिंह को दोषी करार देते हुए उसे सजा सुनाने के लिए 25 अक्तूबर की तिथि मुकर्रर की है। सजा पौड़ी न्यायालय में सुनाई जाएगी।
वहीं, जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवरसेन ने बृहस्पतिवार को कोटद्वार कैंप कोर्ट में कालागढ़ में वर्ष 2015 में छात्रा के अपहरण और दुराचार मामले में आरोपी युवक को दोषी करार ठहराया। मामले की सजा शुक्रवार को सुनाई जाएगी। जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि वर्ष 2015 में कालागढ़ निवासी एक व्यक्ति ने उनके घर आई उनकी एक रिश्तेदार छात्रा की गुमशुदगी की रिपोर्ट तीन जुलाई 2015 को कालागढ़ थाने में दर्ज कराई। घटना वाले दिन वह दवा लेने पास की दुकान पर गई और लौटकर नहीं आई।
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कुछ दिन बाद पुलिस ने छात्रा को कादराबाद से बरामद कर कोटद्वार कोर्ट में पेश किया। तब तक यह मामला गुमशुदगी का ही बताया जाता रहा, लेकिन जब पीड़िता के कोर्ट में बयान दर्ज हुए तो कोर्ट में बयान दर्ज कराए तो उसने अपहरण करने वाले व्यक्ति का नाम बताते हुए पूरी कहानी बयां की। उसने आरोप लगाया कि अपहरणकर्ता नृपेंद्र उसे जबरन उठाकर हरिद्वार ले गया। वहां उसने उसे एक धर्मशाला में बंद रखा और उसके साथ बलात्कार किया। कोर्ट ने निर्देश पर इस मामले की फिर से सुनवाई हुई। पीड़िता के स्कूल से उसकी जन्मतिथि का प्रमाणपत्र मंगवाया गया। इसमें उसकी उम्र 18 साल से कम निकली। इसके बाद यह मामला पोक्सो अधिनियम और आईपीसी की दुराचार की धाराओं में तब्दील कर दिया गया।
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